दिल्ली की कंपनियों में औरतों संग भेदभाव? हर 10 में से 9 कर्मचारी हैं मर्द- रिपोर्ट

दिल्ली की कंपनियों में औरतों संग भेदभाव? हर 10 में से 9 कर्मचारी हैं मर्द- रिपोर्ट


Anti Women Skew: दुनियाभर में महिला संरक्षण और महिलाओं को समान अधिकार देने वाली बातें तो कई बार हमने सुनी हैं. लेकिन जब कोई रिपोर्ट या डाटा देखते हैं तो जमीनी हकीकत के बारे में पता चलता है. जैसे हाल ही में आई एक रिपोर्ट से पता चला है कि दिल्ली के ऑफिसों में महिला कर्मचारियों की अपेक्षा पुरुष कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है.

क्या कहती है रिपोर्ट
दरअसल हाल ही में नेशनल स्टेटिक्स ऑफिस (NSO) की एक रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के छोटे कारोबार अच्छी कमाई कर रहे हैं, लेकिन इन कारोबारों में महिलाओं की भागीदारी अभी भी बहुत कम है. रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली के ऐसे छोटे कारोबार, जो कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड नहीं हैं, उनमें काम करने वाले लोगों में सिर्फ 13.5% ही महिलाएं हैं. जिसका मतलब है कि हर 10 कर्मचारियों में लगभग 9 पुरुष और सिर्फ 1 महिला है.

ये भी पढ़ें: Richest Cities List: कमाने में बेंगलुरु-दिल्ली नंबर-1 तो उड़ाने में चंडीगढ़ आगे, देश के सबसे अमीर शहरों की लिस्ट देख लो

ये जानकारी ‘अर्बन अनइनकॉर्पोरेटेड एंटरप्राइजेस लैंडस्केप: ASUSE 2025- इनसाइट्स फ्रॉम मिलियन प्लस सिटीज की रिपोर्ट में दी गई है. इस रिपोर्ट में 10 लाख से भी ज्यादा आबादी वाले 46 शहरों के छोटे दुकानदारों, व्यापारियों, मरम्मत की दुकानों, छोटे निर्माताओं और काम करने वाले कारोबारों का अध्ययन किया गया. इसमें बड़ी कंपनियों, सरकारी संस्थानों और बड़े कारखानों को शामिल नहीं किया गया.

महिलाओं के पास नहीं है मालिकाना हक भी
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में ऐसे करीब 5.92 लाख छोटे कारोबार हैं, जिनमें लगभग 13.94 लाख लोग काम करते हैं. वहीं पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) में इनकी संख्या 10.34 लाख कारोबार और 22.31 लाख तक है. वहीं बात करें कारोबार के मालिक बनने की तो इस मामले में भी महिलाओं की संख्या कम है. दिल्ली में सिर्फ 16.2% छोटे कारोबार महिलाओं के नाम पर हैं, जबकि 80% से ज्यादा कारोबार के मालिक पुरुष हैं.

हालांकि, NSO ने इस रिपोर्ट के बारे में ये भी कहा है कि ये आंकड़े सैम्पल सर्वे के आधार पर जारी किए गए हैं, ऐसे में इन्हें अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें: Explained: जून 2026 में 3.6 लाख EV गाड़ियां बिकीं! जबकि पूरे देश में सिर्फ 27 हजार चार्जिंग स्टेशन, क्या बढ़ेगा ‘चार्जिंग संकट’?



Source link