अभी लगा दें ये पौधे, सर्दियों में सब्जी खरीदना हो जाएगा बंद

अभी लगा दें ये पौधे, सर्दियों में सब्जी खरीदना हो जाएगा बंद


Winter Vegetable Tips: बारिश का मौसम खत्म होते ही सर्दियों की तैयारी शुरू करनी पड़ती है. अगर आप किचन गार्डनिंग के शौकीन हैं या फिर छत पर सब्जियां उगाते हैं तो सब्जियों के मामले में यह तैयारी अभी से ही करनी होगी. अगर सही समय पर सही पौधे लगा दिए जाएं तो ठंड के मौसम में बाजार से सब्जी खरीदने की नौबत ही नहीं आएगी, घर की क्यारी या छत की गमलों से ही ताजा और ऑर्गेनिक सब्जी मिलती रहेगी.

फूलगोभी की तैयारी अभी से शुरू करनी होगी

सर्दियों की सबसे लोकप्रिय सब्जियों में शामिल फूलगोभी की पौध रोपाई का सही समय अगस्त से सितंबर के बीच ही होता है. इसे 15 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली ठंडी जलवायु पसंद है, इसलिए अभी लगाई गई पौध सर्दी शुरू होने तक पूरी तरह तैयार हो जाती है. मिट्टी हल्की बलुई दोमट और अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए, साथ ही पौधे से पौधे के बीच 40 से 50 सेंटीमीटर की दूरी रखना जरूरी है.

यह भी पढ़ें: Agriculture Equipment Subsidy: कृषि यंत्र खरीदने जा रहे हैं? जरूर देखें ये पोर्टल

गाजर और मूली के लिए भी यही है सही वक्त

गाजर सर्दियों की सबसे ज्यादा मांग वाली सब्जियों में से एक है, और इसे उगाने के लिए अभी का समय एकदम सही है. गमले या ग्रो बैग में बीज बोने के करीब 15 दिन में पौध बननी शुरू हो जाती है, और पूरी फसल तैयार होने में लगभग 80 से 90 दिन लगते हैं. इसी तरह मूली भी बेहद कम समय में तैयार होने वाली सब्जी है, जिसे गमले की मिट्टी में सीधे बीज बिखेरकर आसानी से उगाया जा सकता है.

पत्ता गोभी और पालक भी देंगे बंपर पैदावार

फूलगोभी की तरह पत्ता गोभी की नर्सरी भी महीने की शुरुआत में तैयार कर मध्य अगस्त तक रोपाई कर देनी चाहिए, ताकि सर्दियों की शुरुआत तक फसल तैयार हो जाए. वहीं पालक कम समय में अच्छी उपज देने वाली सब्जी है, जिसे किचन गार्डन में उगाना सबसे आसान माना जाता है और यह जल्दी ही खाने लायक हो जाती है.

बारिश के पानी से बचाव जरूरी

अगस्त का महीना बुवाई के लिए भले ही सबसे मुफीद माना जाता है, क्योंकि मिट्टी में पहले से ही पर्याप्त नमी रहती है. इस दौरान एक बात का खास ध्यान रखना जरूरी है, खेत या गमले में बारिश का पानी बिल्कुल न रुके. जलभराव से जड़ें सड़ सकती हैं, इसलिए बुवाई से पहले जमीन की अच्छी जुताई और सही जल निकासी की व्यवस्था जरूर कर लें.

यह भी पढ़ें:  मानसून में अनार-अमरूद में तेजी से फैलता है यह रोग, ऐसे करें पहचान



Source link