किसानों के लिए बड़ी खबर, बारिश से खराब हुई फसल के लिए मिलेगा 75000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा

किसानों के लिए बड़ी खबर, बारिश से खराब हुई फसल के लिए मिलेगा 75000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा


सरकार के फैसले के तहत जिन किसानों की फसल का 100 प्रतिशत नुकसान हुआ है और जो तय पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, उन्हें 75000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाएगा. यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी जिससे भुगतान प्रोसेस तेज और पारदर्शी बनी रहे.

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार राजस्व विभाग और सभी जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि मुआवजा देेने में किसी तरह की देरी न हो. पात्र किसानों तक जल्द से जल्द सहायता राशि पहुंचाई जाए. जिससे वे आर्थिक संकट से बाहर निकलकर अगली फसल की तैयारी समय पर कर सकें.

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार राजस्व विभाग और सभी जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि मुआवजा देेने में किसी तरह की देरी न हो. पात्र किसानों तक जल्द से जल्द सहायता राशि पहुंचाई जाए. जिससे वे आर्थिक संकट से बाहर निकलकर अगली फसल की तैयारी समय पर कर सकें.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त और सितंबर 2025 में हुई भारी बारिश और जलभराव से दिल्ली में 4442.41 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि प्रभावित हुई थी. कई इलाकों में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई. इसी नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत पैकेज को मंजूरी दी है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त और सितंबर 2025 में हुई भारी बारिश और जलभराव से दिल्ली में 4442.41 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि प्रभावित हुई थी. कई इलाकों में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई. इसी नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत पैकेज को मंजूरी दी है.

अलीपुर, बुराड़ी, पंजाबी बाग, विकासपुरी, कांझावला, बवाना, रोहिणी, कापसहेड़ा, नजफगढ़ और मटियाला जैसे क्षेत्रों में फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. सरकार ने इन इलाकों के लिए अलग अलग राहत राशि मंजूर की है. जिससे प्रभावित किसानों को नुकसान के अनुसार आर्थिक सहायता मिल सके.

अलीपुर, बुराड़ी, पंजाबी बाग, विकासपुरी, कांझावला, बवाना, रोहिणी, कापसहेड़ा, नजफगढ़ और मटियाला जैसे क्षेत्रों में फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. सरकार ने इन इलाकों के लिए अलग अलग राहत राशि मंजूर की है. जिससे प्रभावित किसानों को नुकसान के अनुसार आर्थिक सहायता मिल सके.

सरकार ने यह भी साफ किया है कि इस योजना का लाभ केवल वास्तविक प्रभावित किसानों को मिलेगा. कॉर्पोरेट कंपनियों की कृषि भूमि, ग्राम सभा की जमीन पर की जाने वाली खेती और पक्की बाउंड्री वॉल वाले विकसित फार्महाउस को इस राहत योजना के दायरे से बाहर रखा गया है.

सरकार ने यह भी साफ किया है कि इस योजना का लाभ केवल वास्तविक प्रभावित किसानों को मिलेगा. कॉर्पोरेट कंपनियों की कृषि भूमि, ग्राम सभा की जमीन पर की जाने वाली खेती और पक्की बाउंड्री वॉल वाले विकसित फार्महाउस को इस राहत योजना के दायरे से बाहर रखा गया है.

पात्रता की जांच पूरी होने के बाद ही किसानों के खातों में सहायता राशि भेजी जाएगी. सरकार का मानना है कि समय पर मिलने वाला यह मुआवजा किसानों को आर्थिक राहत देगा और अगली फसल की तैयारी में मदद करेगा. तो साथ ही डीबीटी व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनी रहेगी.

पात्रता की जांच पूरी होने के बाद ही किसानों के खातों में सहायता राशि भेजी जाएगी. सरकार का मानना है कि समय पर मिलने वाला यह मुआवजा किसानों को आर्थिक राहत देगा और अगली फसल की तैयारी में मदद करेगा. तो साथ ही डीबीटी व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनी रहेगी.

Published at : 19 Jul 2026 12:57 PM (IST)

एग्रीकल्चर फोटो गैलरी



Source link