PM Fasal Bima Yojana: किसानों के लिए खेती में मौसम का बहुत बड़ा रोल होता है. कई बार जहां बढ़िया मौसम अच्छी पैदावार दे जाता है. तो कभी सूखा तो कभी भारी बारिश से किसानों की महीनों की मेहनत पानी में फिर जाती है. ऐसे में फसलों के नुकसान की भरपाई करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक बहुत बड़ा सहारा साबित होती है.
इस साल योजना में आवेदन की आखिरी तारीख 31 जुलाई थी. लेकिन अब सरकार ने किसानों को एक बड़ी राहत देते हुए इस योजना में आखिरी तारीख को आगे बढ़ा दिया है. अक्सर देखा जाता है कि कागजी कार्रवाई, तकनीकी खराबी या जानकारी के अभाव में बहुत से किसान समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाते थे. लेकिन अब तारीख बढ़ने से उन सभी किसान को अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराने का एक और मौका मिल गया है. अगर आपने भी अभी तक अपनी फसल का बीमा नहीं कराया है तो यह मौका हाथ से जाने न दें.
क्या है नई डेडलाइन?
पहले जहां किसानों के पास 31 जुलाई तक का ही समय था. वहीं अब किसानों को 10 अगस्त तक आवेदन करने की छूट मिल गई है. अब बढ़े हुए समय से महाराष्ट्र समेत देश भर के लाखों किसानों को सीधी राहत मिलेगी. यह बढ़ी हुई तारीख उन सभी किसानों के लिए काम की है जो खरीफ सीजन की फसलों जैसे धान, मक्का, सोयाबीन और कपास की खेती कर रहे हैं.
प्राकृतिक आपदाओं, बेमौसम बारिश या बीमारियों की वजह से अगर फसल खराब होती है, तो बीमा कवर रहने पर किसानों को किसी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा. इसलिए अगर आपका रजिस्ट्रेशन किसी वजह से रुक गया था. तो 10 अगस्त से पहले इसे तुरंत पूरा कर लें.
बेहद कम प्रीमियम में फसल का सुरक्षा कवच
पीएम फसल बीमा योजना में बेहद सस्ते प्रीमियम पर किसानों को बीमा मिलता है. खरीफ फसलों के लिए किसानों को कुल बीमा राशि का सिर्फ 2 प्रतिशत ही प्रीमियम के तौर पर जमा करना होता है. जबकि बाकी का बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भरती हैं. इतने कम खर्च में किसानों की पूरी फसल को बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक का सुरक्षा कवच मिल जाता है.
अगर आंधी, तूफान, ओलावृष्टि या सूखे के कारण आपकी फसल बर्बाद होती है. तो बीमा कंपनी सीधे नुकसान का आकलन करके क्लेम का पैसा किसान के बैंक खाते में भेजती है. इस वजह से किसान बिना किसी डर के निश्चिंत होकर खेती कर सकते हैं.
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आवेदन के लिए कौन से डाॅक्यूमेंट जरूरी?
फसल बीमा में रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस बहुत ही आसान है. लेकिन इसके लिए कुछ डॉक्यूमेंट्स होने जरूरी हैं. आवेदन करते समय आपके पास आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, जमीन के खसरा-खतौनी या जमाबंदी के कागजात और फसल बुवाई का प्रमाण पत्र होना चाहिए.
इसके अलावा अगर आप बटाई पर या किराए की जमीन पर खेती कर रहे हैं, तो उसका एग्रीमेंट पेपर भी लगाना होगा. ध्यान रहे कि आपका मोबाइल नंबर आपके आधार और बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए जिससे योजना से जुड़ी हर अपडेट और क्लेम का पैसा सीधे बिना किसी बिचौलिये के आपके खाते में सुरक्षित आ सके.
कैसे करें योजना में आवेदन?
अगर आप पीएम फसल बीमा योजना के लिए अप्लाई करना चाहते हैं. तो इसके दो बहुत ही आसान तरीके हैं. पहला तरीका यह है कि आप अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर या अपनी बैंक शाखा में जाकर फॉर्म भरवा सकते हैं. इसके अलावा जो किसान खुद स्मार्टफोन चलाते हैं वे PMFBY के ऑफिशियल पोर्टल pmfby.gov.in पर जाकर.
या फिर फसल बीमा ऐप डाउनलोड करके घर बैठे खुद ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. फॉर्म भरते समय अपने खेत की सही डिटेल्स दर्ज करें और दी गई रसीद को सुरक्षित संभाल कर रखें. 10 अगस्त की डेडलाइन खत्म होने का इंतजार न करें और जितना जल्दी हो अपनी खरीफ फसल को सुरक्षित करें.
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