Government Subsidy On These Spices: अगर किसान पारंपरिक फसलों के साथ ऐसी खेती करना चाहते हैं. जिससे कम लागत में बेहतर आमदनी मिल सके तो मसाला फसलों की खेती अच्छा ऑप्शन बन सकती है. इसी को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार किसानों को आर्थिक सहायता दे रही है. इस योजना के तहत धनिया, मेथी, सौंफ और जीरा जैसी बीज मसाला फसलों की खेती पर सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है.
सरकार का टारगेट मसाला उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की इनकम बढ़ाना है. अच्छी बात यह है कि छोटे और बड़े दोनों तरह के किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. अगर किसान तय नियमों के अनुसार आवेदन करते हैं तो खेती की लागत काफी हद तक कम हो सकती है और मसाला उत्पादन की ओर कदम बढ़ाना आसान हो जाएगा.
किन मसालों की खेती पर मिलेगी मदद?
इस खास योजना के तहत सरकार मसाला फसलों की खेती करने वाले किसानों को तगड़ी आर्थिक मदद दे रही है. धनिया, मेथी, सौंफ और अजवाइन की बुवाई के लिए किसानों को लागत का एक बड़ा हिस्सा सब्सिडी के तौर पर सीधे उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा.
आमतौर पर इस तरह की योजनाओं में सरकार प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 40 से 50 परसेंट तक की सब्सिडी मुहैया कराती है. जिससे बीज, खाद और सिंचाई का खर्च बेहद कम हो जाता है. कम समय और कम पानी में तैयार होने वाले इन मसालों से किसान कम लागत लगाकर बंपर रिटर्न हासिल कर सकते हैं.
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जानें आवेदन करने का तरीका
अगर आप भी इस सरकारी स्कीम का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं. तो फिर जरा भी देर मत कीजिए क्योंकि आवेदन की प्रोसेस बेहद आसानी से पूरी कर सकते हैं. किसान सीधे अपने राज्य के उद्यान विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. किसी को ऑनलाइन फार्म भरने में दिक्कत आए तो वह अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या वसुधा केंद्र पर जाकर भी यह फॉर्म भरवा सकते हैं.
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
फॉर्म भरते समय आपके पास आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेज जैसे खतौनी या एलपीसी, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और एक चालू मोबाइल नंबर होना जरूरी है. एक बार आवेदन वेरिफाई होने के बाद, कृषि विभाग के अधिकारी आपके खेत का मुआयना करेंगे और सब्सिडी की राशि सीधे आपके खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी.
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