MSME सेक्टर में करियर का सुनहरा अवसर, ICAI के Corporate Mitra प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू

MSME सेक्टर में करियर का सुनहरा अवसर, ICAI के Corporate Mitra प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू


Corporate Mitra Scheme 2026: अगर आप ग्रेजुएट हैं और अकाउंटिंग, टैक्सेशन या फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए बड़ी खबर आई है. दरअसल, भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इंस्टीट्यूट (ICAI) ने कॉर्पोरेट मित्र प्रोग्राम के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू कर दी है. इच्छुक उम्मीदवार 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं. इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित पैरा-प्रोफेशनल तैयार करना है, जो देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को अकाउंटिंग, टैक्सेशन, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और अनुपालन से जुड़े कार्यों में सहयोग दे सकें.

यह कार्यक्रम केंद्रीय बजट में घोषित किया गया था. इसके तहत सरकार ने आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई को मिलकर एमएसएमई सेक्टर के लिए प्रोफेशनल्स तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी. इस पहल के तहत आईसीएआई ने आईआईटी मद्रास के सहयोग से इस कोर्स को SWAYAM Plus प्लेटफार्म पर शुरू किया है. 

कौन कर सकता है आवेदन? 

इस कार्यक्रम में भारत का कोई भी नागरिक आवेदन कर सकता है, जिसने किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया हो. ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्र भी आवेदन के पात्र हैं, लेकिन उन्हें प्रमाण पत्र तभी मिलेगा जब वह अपनी डिग्री सफलतापूर्वक पूरी कर लेंगे. आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु 20 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए. वहीं कॉर्पोरेट मित्र कोर्स SWAYAM Plus प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराया गया है. इसके लिए 3000 फीस निर्धारित किया गया है, जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से देना होगा. 

150 घंटे की पढ़ाई और 6 महीने की ट्रेनिंग 

यह कार्यक्रम IITM Pravartak के माध्यम से संचालित किया जाएगा. इसमें कुल 150 घंटे की पढ़ाई होगी और इससे एनसीआरएफ लेवल 5.5 के तहत क्रेडिट योग्य बनाया गया है. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को 6 महीने की ऑन द जॉब ट्रेनिंग भी करनी होगी. इसके बाद ही अंतिम मूल्यांकन और प्रमाण पत्र की प्रक्रिया पूरी होगी. 

प्रोग्राम में क्या-क्या सिखाया जाएगा? 

इस कोर्स को 6 प्रमुख मॉडलों में विभाजित किया गया है. इसमें अकाउंटिंग, टैक्सेशन, बैंकिंग, फाइनेंशियल मैनेजमेंट, लीगल एंड सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस और कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग जैसे सब्जेक्ट शामिल है. अकाउंटिंग मॉड्यूल में जर्नल, लेजर, ट्रायल बैलेंस, बैंक रिकॉन्सिलिएशन, प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट, बैलेंस शीट और कैश फ्लो स्टेटमेंट तैयार करना सिखाया जाएगा. साथ ही एमएस एक्सेल और टेली जैसे डिजिटल टूल्स का भी उपयोग कराया जाएगा. टैक्सेशन मॉड्यूल में इनकम टैक्स, टैक्स रिटर्न फाइलिंग, टीडीएस, टीसीएस, एडवांस टैक्स और जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी.

वहीं बैंकिंग मॉड्यूल में एमएसएमई के लिए बैंकिंग सिस्टम, क्रेडिट आवश्यकताओं, डिजिटल बैंकिंग और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी पर फोकस रहेगा. फाइनेंशियल मैनेजमेंट में फाइनेंशियल स्टेटमेंट का विश्लेषण, वर्किंग कैपिटल और जरूरी डॉक्यूमेंट की जानकारी दी जाएगी. लीगल एंड सेक्रेटेरियल मॉड्यूल में कंपनी कानून, एमएसएमई रजिस्ट्रेशन, लेबर कोड, बोर्ड मीटिंग, एजीएम, सेबी नियम और एमएसएमई ऑनलाइन डिस्प्यूट रेजोल्यूशन पोर्टल से जुड़ी जानकारी शामिल होगी. वहीं कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग में कास्टिंग, बजटरी कंट्रोल और स्टैंडर्ड कॉस्टिंग जैसे सब्जेक्ट पढ़ाए जाएंगे.

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ऐसे होगा मूल्यांकन 

कोर्स पूरा करने और 6 महीने की ऑन द जॉब ट्रेनिंग के बाद उम्मीदवारों का सेंटर आधारित एमसीक्यू परीक्षा के जरिए मूल्यांकन किया जाएगा. परीक्षा का आयोजन आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई संयुक्त रूप से करेंगे. परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को SWAYAM Plus का वेरीफाएबल सर्टिफिकेट दिया जाएगा. जो व्यक्ति परीक्षा पास नहीं कर पाएंगे, उन्हें दोबारा पूरे कार्यक्रम के लिए नया रजिस्ट्रेशन कर फीस जमा करनी होगी, क्योंकि एक ही मूल्यांकन में दोबारा परीक्षा देने की सुविधा नहीं होगी.

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