ईरान और अमेरिका के बीच फिर से एक-दूसरे पर किए जा रहे हमले के बीच इजरायल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तेहरान को सख्त चेतावनी दी है. ईरानी नेताओं के लिए जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि अगर आप इजरायल पर हमला करते हैं तो ये उम्मीद न करें कि सब कुछ शांत रहेगा. उन्होंने कहा कि अब अगर हमला हुआ तो इजरायल और ज्यादा सख्ती से पलटवार करेगा.
शांति की उम्मीद न रखे ईरान: नेतन्याहू
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कहा, ‘मैं ईरान के नेताओं से कहना चाहता हूं कि अगर आप हम पर हमला करेंगे तो ये उम्मीद न रखें कि सब कुछ शांत रहेगा. वो दिन बीत गए जब कोई हम पर हमला करता था और हम पलटवार नहीं करते थे.’ रोम में वार्ता के एक नए दौर के बीच इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि उनका देश लेबनान में पायलट जोन लागू करने के लिए तैयार है.
रोम में इजरायल-लेबनान के बीच बातचीत
न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है और मेरा मानना है कि रोम में होने वाली चर्चाओं का यह दौर इसे बढ़ावा देगा.’ पिछले महीने एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बावजूद इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में हमले जारी रखे हुए है. ईरान की ओर से खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के बाद बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में इस हफ्ते फिर से एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया.
अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमले के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ा हुआ है. ईरान ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट में क्रूज मिसाइलों से संयुक्त अरब अमीरात के दो टैकरों को निशाना बनाया, जिसमें एक भारतीय चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई. इस घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने डिप्टी चीफ ऑफ मिशन (डीसीएम) मोहम्मद जवाद होसैनी समेत ईरान के राजनयिकों को तलब किया.
ईरान की यूएस को चेतावनी
ईरानी न्यूज एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी ईरान में स्थित बुशहर (जहां परमाणु सुविधाएं मौजूद हैं) में चार जगहों पर और दक्षिणी शहर बंदर अब्बास के पास पांच धमाकों की आवाज सुनी गई. ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज कभी भी जंग, अमेरिका की दादागिरी और सैन्य कार्रवाई से नहीं खुलेगा. उन्होंने साफ किया कि ईरानी सेना इस क्षेत्र से पीछे नहीं हटेगी.





