बीते साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला किया था. भारत के इस डिसीजन के खिलाफ पड़ोसी मुल्क में समय-समय पर बौखलाहट देखने को मिलती रहती है. खबर है कि एक बार फिर इस सिंधु जल समझौते को लेकर पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जिनमें नारे लगाए जा रहे हैं कि ‘सिंधु को छोड़ेंगे नहीं.’
पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) सिंधु जल समझौते के मुद्दे को लोगों के बीच उठाना चाहती है. इसी को लेकर PPP ने सिंध में रैली निकाली थी, जिसमें पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कराची से लेकर शिकारपुर तक कई शहरों में प्रदर्शन किए. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ये नारे भी लगाए कि मर जाएंगे लेकिन सिंधु पर अपने दावे को बिल्कुल नहीं छोड़ेंगे.’
‘युद्ध के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा’
रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध सरकार में मंत्री सईद घनी ने सिंधु समझौते को देश का मुद्दा बताते हुए कहा कि इसका असर किसी एक प्रांत पर नहीं बल्कि पूरे पाकिस्तान पर पड़ता है. उन्होंने इसे देश की लाइफलाइन बताया. बिलावल भुट्टो के सुक्कूर में दिए भाषण का जिक्र कर कहा, ‘हमारे नेता ने चेतावनी दी है कि अगर सिंधु का पानी रोका गया तो हम चुप नहीं बैठेंगे.’ गीदड़भभकी देते हुए यह भी कहा कि ‘अगर पाकिस्तानियो को पानी-खाना नहीं मिला तो युद्ध के सिवाय कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा.’
भारत ने क्यों स्थगित किया सिंधु समझौता?
भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदत उठाते हुए सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को फिलहाल लागू न रखने का फैसला किया. एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम पाकिस्तान की आम जनता के खिलाफ नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की सरकार पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है, क्योंकि वह आतंकवाद को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करती है. ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर पीस स्टडीज’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान और गैर-कूटनीतिक भाषा का इस्तेमाल करता रहा है. साथ ही, सीमा पार आतंकवाद को उसका लगातार समर्थन और बार-बार की सैन्य आक्रामकता ने सिंधु जल संधि की भावना को कमजोर किया है.
PAK के कई नेता दे चुके गीदड़ भभकी
हाल ही में पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मसूद मलिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘जो भी हमारे पानी को छुएगा, उसके हाथ काट दिए जाएंगे.’ पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता (डीजी आईएसपीआर) लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कथित तौर पर कहा, अगर आप हमारा पानी रोकेंगे, तो हम आपकी सांसें रोक देंगे। इससे पहले लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के प्रमुख और आतंकवादी हाफिज सईद ने कहा था, अगर तुम पानी रोकोगे, तो हम तुम्हारी सांसें रोक देंगे और इन नदियों में खून बहेगा.’





