क्या ईरान फिर शुरू कर रहा न्यूक्लियर प्रोग्राम? मोसाद का दावा- ‘पिकएक्स माउंटेन में सुरक्षित है

क्या ईरान फिर शुरू कर रहा न्यूक्लियर प्रोग्राम? मोसाद का दावा- ‘पिकएक्स माउंटेन में सुरक्षित है


इजरायल ने एक बार फिर दावा किया है कि ईरान पर्दे के पीछे अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम जारी रखने की तैयारी कर सकता है. इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद का मानना है कि ईरान ने पिछले साल  अपने यूरेनियम एनरिचमेंट में इस्तेमाल होने वाले सेंट्रीफ्यूज को पिकएक्स माउंटेन नामक बेहर सेफ अंडरग्राउंड हॉल में पहुंचा दिया था. एजेंसी का दावा है कि भविष्य में ईरान इसी स्थान से अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम दोबारा शुरू कर सकता है.

यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है. इजरायल और अमेरिका लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम केवल एनर्जी प्रोडक्शन तक सीमित नहीं है, जबकि ईरान लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है.

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अमेरिकी अखबार का दावा

अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि पिछले साल जून में हुए 12 दिन के इजरायल-ईरान संघर्ष के बाद तेहरान ने अपने यूरेनियम एनरिचमेंट सेंट्रीफ्यूज को पिकएक्स माउंटेन के नीचे बनी गहरी सुरंगों में ट्रांसफर कर दिया था. रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी इजरायल ने अमेरिका के साथ भी साझा की है.

क्या है पिकएक्स माउंटेन?

पिकएक्स माउंटेन, जिसे माउंट कोलांग भी कहा जाता है, ईरान का एक बेहद सेफ अंडरग्राउंड हॉल है. यह नतांज यूरेनियम एनरिचमेंट सेंटर के पास स्थित है, जो पहले भी हमलों का निशाना बन चुका है. इस परिसर में गहरी अंडरग्राउंड सुरंगों का एक बड़ा नेटवर्क मौजूद है. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये सुरंगें इतनी गहराई में हैं कि अमेरिका के सबसे शक्तिशाली बंकर-बस्टर बम भी इन्हें पूरी तरह नष्ट नहीं कर सकते. ईरान ने इस जगह को उस अंडरग्राउंड सेंट्रीफ्यूज असेंबली सेंटर के ऑप्शन के रूप में डेवल्प किया था, जो साल 2020 में हुए एक विस्फोट में तबाह हो गया था.

एक्टिविटी को लेकर बढ़ी चिंता

इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी के अनुसार, पिकएक्स माउंटेन क्षेत्र में हाल के महीनों में ट्रकों की आवाजाही और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी में बढ़ोतरी देखी गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरंगों को और मजबूत किया जा रहा है और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का निर्माण जारी है. विशेषज्ञों और इजरायली अधिकारियों को आशंका है कि ईरान इन सुरंगों का इस्तेमला न्यूक्लियर मशीन को सुरक्षित रखने या यूरेनियम एनरिचमेंट की छोटी लेकिन प्रभावी सुविधा स्थापित करने के लिए कर सकता है. इसी वजह से इजरायल इस जगह को लेकर विशेष चिंता जता रहा है.

सेंट्रीफ्यूज क्यों हैं महत्वपूर्ण?

सेंट्रीफ्यूज ऐसी मशीनें होती हैं, जिनका इस्तेमाल यूरेनियम गैस को घुमाकर उसके आइसोटोप अलग करने और उसे एनरिचमेंट करने के लिए किया जाता है. एनरिचमेंट यूरेनियम का इस्तेमाल न्यूक्लियर एनर्जी प्रोडक्शन में भी किया जाता है और अत्यधिक एनरिचमेंट की स्थिति में न्यूक्लियर हथियार बनाने में भी इसका इस्तेमाल संभव होता है. यही कारण है कि इन मशीनों की गतिविधियों पर दुनिया की बड़ी शक्तियां नजर रखती हैं.

ईरान का क्या कहना है?

इजरायल और अमेरिका के आरोपों के विपरीत ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका न्यूक्लियर प्रोगाम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है. ईरान का दावा है कि वह न्यूक्लियर एनर्जी प्रोडक्शन और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए इस प्रोगाम को चला रहा है और उसका परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं है. ईरान ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी कई बार यह भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि उसका न्यूक्लियर प्रोगाम सैन्य उद्देश्यों के लिए नहीं है. हालांकि, इजरायल और पश्चिमी देशों की चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं, जिसके कारण यह मुद्दा मध्य पूर्व की राजनीति और वैश्विक सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है.

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