Garlic Growing Tips: आजकल हर कोई अपनी रसोई में ताज़ा और बिना किसी केमिकल वाली ऑर्गेनिक सब्ज़ियां इस्तेमाल करना चाहता है. अगर आप भी अपने घर के छोटे से किचन गार्डन में गार्डनिंग का शौक रखते हैं. तो लहसुन उगाना सबसे आसान और फ़ायदेमंद ऑप्शन है. लहसुन एक ऐसी चीज़ है जो भारतीय रसोई के हर खाने का स्वाद बढ़ा देती है लेकिन बाज़ार में अक्सर इस पर कैमिकल्स का छिड़काव होता है.
अपने किचन गार्डन में देसी तरीके से लहसुन उगाना बहुत ही आसान है. जिसके लिए आपको न तो किसी बड़े बजट की ज़रूरत है और न ही बहुत ज़्यादा जगह की. आप इसे गमलों, ग्रो बैग्स या घर में पड़े पुराने प्लास्टिक के डिब्बों में भी आसानी से उगा सकते हैं. जान लें कैसे आप कुछ ही महीनों में अपने किचन गार्डन में एकदम फ्रेश और खुशबूदार देसी लहसुन उगा सकते हैं.
लहसुन उगाने का सही मौसम और मिट्टी
किचन गार्डन में लहसुन उगाने के लिए सबसे पहली शर्त है उसका सही समय और सही मिट्टी का चुनाव. लहसुन की बुआई के लिए अक्टूबर से नवंबर का महीना सबसे मुफ़ीद माना जाता है. क्योंकि इस दौरान मौसम में हल्की ठंडक होती है जो इसकी जड़ों के विकास के लिए ज़रूरी है.
मिट्टी तैयार करते समय ध्यान रखें कि वह वेल-ड्रेन यानी अच्छी जल निकासी वाली और हल्की होनी चाहिए. देसी तरीका यह है कि आप नॉर्मल बगीचे की मिट्टी में 40% वर्मीकंपोस्ट या पुरानी सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएं.
इसमें थोड़ी सी कोकोपीट या नदी की बालू रेत मिलाने से मिट्टी भुरभुरी बनी रहती है. जिससे लहसुन की गांठें नीचे आसानी से फैल पाती हैं. कभी भी बहुत सख्त या चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल न करें वरना लहसुन का साइज छोटा रह जाएगा. मिट्टी तैयार करके गमले में भर लें और 1-2 दिन धूप लगने दें जिससे कोई फंगस न रहे.
लहसुन की कलियां लगाने का सही तरीका
गमले में लहसुन लगाने के लिए आपको बाज़ार से अलग से कोई महंगे बीज खरीदने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है. अपनी रसोई में रखे अच्छे, बड़े साइज वाले देसी लहसुन की कलियां अलग कर लें. ध्यान रखें कि कलियों का छिलका न उतरने पाए और केवल मोटी और सही कलियों का ही चुनाव करें. कलियों को लगाते समय उनका नुकीला हिस्सा ऊपर की तरफ और चपटा हिस्सा नीचे मिट्टी की ओर होना चाहिए.
मिट्टी में लगभग 1 से 2 इंच गहरा गड्ढा करके कलियों को 3-4 इंच की दूरी पर गाड़ दें और ऊपर से हल्की मिट्टी ढक दें. बुआई के बाद पहली बार में अच्छी तरह पानी दें. लहसुन में पानी देते समय बेहद सावधानी बरतनी चाहिए मिट्टी में सिर्फ नमी होनी चाहिए जलभराव बिल्कुल न हो. ज़्यादा पानी देने से कलियां मिट्टी के अंदर ही सड़ सकती हैं, इसलिए जब ऊपर की मिट्टी सूखी दिखे तभी हल्का पानी छिड़कें.
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पौधे की देखभाल के जरूरी टिप्स
लहसुन के पौधे को स्वस्थ रखने और बड़ी गांठें पाने के लिए इसे रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की अच्छी धूप मिलना बेहद ज़रूरी है. इसलिए गमले को बालकनी या छत के ऐसे कोने में रखें जहां सीधी धूप आती हो.

जब पौधे 4-5 इंच बड़े हो जाएं, तो गमले की मिट्टी की हल्की गुड़ाई करते रहें और हर महीने थोड़ी सी वर्मीकंपोस्ट डालते रहें. लगभग 4 से 5 महीने बाद जब लहसुन की पत्तियां ऊपर से पीली और सूखी होने लगें, तो समझ जाएं कि आपका लहसुन पककर तैयार हो चुका है.
उस समय पानी देना बंद कर दें और 3-4 दिन बाद पौधे को खींचकर पूरा लहसुन बाहर निकाल लें. इसे 2-3 दिन छांव में सुखा लें ताकि यह लंबे समय तक ख़राब न हो. इस तरह बहुत ही कम मेहनत में आप घर पर एकदम बढ़िया क्वालिटी का ऑर्गेनिक लहसुन हासिल कर सकते हैं.
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