कृषक उन्नति योजना से बदलेगी किसानों की तकदीर, ऐसे उठाएं फायदा

कृषक उन्नति योजना से बदलेगी किसानों की तकदीर, ऐसे उठाएं फायदा


Krishak Unnati Yojana: देश में किसानों के लिए केन्द्र सरकार और अलग-अलग राज्यों की सरकारें बहुत सी योजनाएं चलाती हैं. जिनमें से कई योजनाएं आय बढ़ाने को लेकर होती हैं. इन्हीं में से एक योजना है कृषक उन्नति योजना जिसकी इन दिनों खूब चर्चा हो रही है.  छत्तीसगढ़ सरकार की ओर शुरू की गई यह योजना राज्य के लाखों किसानों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है. धान की खेती करने वाले किसानों के आर्थिक संकट को दूर करने और उन्हें उनकी फसल का ज्यादा से ज्यादा दाम दिलाने के मकसद से इस योजना को शुरू किया गया है.

आज के वक्त में जब खेती की लागत बढ़ती जा रही है. तब ऐसे में कृषक उन्नति योजना किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है. इस योजना के तहत किसानों को न केवल अपनी उपज की अच्छी कीमत मिल रही है. बल्कि सरकार डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के जरिए पैसा सीधे किसानों के खाते में पहुंचा रही है. चलिए आपको बताते हैं आखिर क्या है कृषक उन्नति योजना और कैसे इससे किसानों को फायदा हो रहा है साथ में जानें इस योजना का लाभ उठाने की प्रोसेस क्या है. 

क्या है कृषक उन्नति योजना?

छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से की जा रही है. न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP और निर्धारित मूल्य के बीच का जो अंतर होता है. उस अंतर की राशि को राज्य सरकार सीधे किसानों के बैंक खातों में आर्थिक सहायता के रूप में भेजती है.इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि सरकार ने प्रति एकड़ धान खरीदी की सीमा भी बढ़ाकर 21 क्विंटल कर दी है. 

यह भी पढ़ें: केमिकल खाद छोड़िए अब घर पर बनाइए देसी खाद, जान लें तरीके

यानी अब किसान अपने खेत में ज्यादा पैदावार करके ज्यादा मात्रा में धान बेच सकते हैं और एकमुश्त बड़ा फायदा हासिल कर सकते हैं. इस फैसले से छोटे और सीमांत किसानों की इनकम में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. जिससे वे किसान अपनी खेती से जुड़ी बाकी ज़रूरतों को बिना किसी कर्ज के आसानी से पूरा कर पा रहे हैं.

सीधे खाते में भेजे जाते हैं पैसे

सरकारी योजनाओं को लेकर अक्सर लोगों के मन में यह डर होता है कि अब उन्हें दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ेंगे. लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की इस  कृषक उन्नति योजना में योजना में ऐसा बिल्कुल नहीं है. सरकार इस योजना के जरिए पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है. अंतर की जो भी राशि है वह सीधे किसान के आधार से लिंक बैंक अकाउंट में डीबीटी के जरिए भेजी जाती है.

पैसा ट्रांसफर होते ही किसानों को उनके मोबाइल पर मैसेज मिल जाता है. जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी या बिचौलियों का डर पूरी तरह खत्म हो जाता है. समय पर पैसा मिल जाने से किसान अगली फसल जैसे रबी या खरीफ की तैयारी के लिए खाद, बीज, कीटनाशक और डीजल की व्यवस्था करने में आसानी होती है.  और यही वजह है कि छत्तीसगढ़ के किसान इस योजना का फायदा बड़े स्तर पर उठा रहे हैं.

कैसे मिलेगा योजना में लाभ? 

छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना का फायदा उठाने के लिए किसानों को बहुत ज्यादा भागदौड़ करने की ज़रूरत नहीं है. अगर कोई किसान छत्तीसगढ़ का निवासी हैं और उसने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है तो वह अपने आप ही इस योजना का हिस्सा बन जाता है.योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, ऋण पुस्तिका भू-स्वामी प्रमाण पत्र और चालू मोबाइल नंबर होना जरूरी है. 

जिन किसानों का पंजीकरण सोसायटियों या खरीफ पंजीयन पोर्टल पर हो चुका है. उन्हें धान बेचने के बाद योजना की अंतर राशि बिना किसी परेशानी के सीधे मिल जाती है. इसलिए अगर आप भी पात्र किसान हैं तो समय पर अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करवाएं रखें जिससे योजना का पूरा लाभ आपको मिल सके.

कृषक उन्नति योजना से बदलेगी किसानों की तकदीर, ऐसे उठाएं फायदा

यह भी पढ़ें: बारिश में पशुओं की सेहत के लिए अपनाएं ये टिप्स

 



Source link