‘केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ले फैसला’, IPS उर्वशी सेंगर की याचिका पर SC ने दिया निर्देश

‘केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ले फैसला’, IPS उर्वशी सेंगर की याचिका पर SC ने दिया निर्देश


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • सरकार ने कहा वरिष्ठता पर देरी का असर नहीं होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (10 जुलाई, 2026) को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रोबेशनरी महिला अधिकारियों से संबंधित एक मामले की सुनवाई की है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने प्रोबेशनरी महिला IPS अधिकारियों को गर्भ (प्रेग्नेंसी) के दौरान और उसके बाद ट्रेनिंग लेने से रोकने के नियम पर केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को फैसला लेने का निर्देश दिया है.

ट्रेनिंग में भाग नहीं ले पाएंगी IPS उर्वशी सेंगर

हालांकि, यह मामला मूल रूप से मध्य प्रदेश कैडर की जिस आईपीएस अधिकारी उर्वशी सेंगर का है, वह ट्रेनिंग में हिस्सा नहीं ले पाएंगी. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह माना है कि नौ हफ्ते की ट्रेनिंग में से तीन हफ्ते का समय बीत चुका है. ऐसे में अब उन्हें ट्रेनिंग में शामिल करना सही नहीं होगा.

केंद्र सरकार ने मामले में क्या दी दलील

इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के इस बयान को भी रिकॉर्ड पर लिया है कि ट्रेनिंग में देरी से महिला अधिकारी की वरिष्ठता प्रभावित नहीं होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में क्या पूछा?

मध्य प्रदेश कैडर की 2023 बैच की IPS अधिकारी उर्वशी सेंगर की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने महिला अधिकारियों के प्रेग्नेंसी के बाद प्रोबेशनरी ट्रेनिंग से संबंधित मौजूदा नियमों पर सवाल उठाए. कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि जब एक महिला अधिकारी को बच्चे को जन्म देने के बाद मेडिकल रूप से पूरी तरह से फिट घोषित किया जा चुका है और वह खुद अपनी ट्रेनिंग को पूरा करना चाहती है, तो उसे प्रोबेशनरी ट्रेनिंग दोबारा शुरू करने से क्यों रोका जा रहा है? 

कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि जब किसी तरह की मेडिकल कॉम्प्लिकेशन्स नहीं है, तब महिला अधिकारियों का मां बनना उनके करियर में रुकावट कैसे बन सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से मौजूदा नीति का आधार और उसके पीछे का तर्क को स्पष्ट करने के लिए कहा है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, मध्य प्रदेश कैडर की 2023 बैच की आईपीएस अधिकारी उर्वशी सेंगर ने अपनी प्रोबेशन ट्रेनिंग पीरियड के दौरान गर्भवती हो गई थीं. सितंबर, 2025 में उर्वशी सेंगर ने बच्चे को जन्म दिया. बच्चे के डिलीवरी के बाद उन्हें मेडिकली फिट घोषित कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने अपनी ट्रेनिंग को दोबारा शुरू करने की इच्छी जताई, लेकिन उन्हें प्रोबेशनरी ट्रेनिंग में दोबारा शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई. जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. 

यह भी पढ़ेंः धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनने वालों को मिले आरक्षण, विजय सरकार पहुंची SC, मद्रास HC फैसले को चुनौती



Source link