क्या अब अमेरिका, ईरान के खिलाफ ग्राउंड अटैक करेगा? यूएस ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ का बड़ा जवाब

क्या अब अमेरिका, ईरान के खिलाफ ग्राउंड अटैक करेगा? यूएस ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ का बड़ा जवाब


अमेरिका भले ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति का खुलासा नहीं कर रहा है, लेकिन अब ये लगभग साफ हो गया है कि यूएस फोर्सेज ग्राउंड अटैक कर फाइनल असॉल्ट की तैयारी पूरी कर चुकी हैं. आइए जानते हैं कैसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पेंटागन ने अपनी रणनीति में बदलाव कर ईरान पर ‘कब्जे’ का प्लान शुरु कर दिया है.

पिछले दो हफ्तों से अमेरिकी की सेंट्रल कमांड–सेंटकॉम ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रही है. पिछले दो हफ्तों में सेंटकॉम ने ईरान के मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर्स, एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटी, मिसाइल बेस और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है. सेंटकॉम के हमलों का दायरा, फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी से सटे पश्चिमी और दक्षिणी ईरान के प्रांत रहे थे.

इस दौरान, यूएस फोर्सेज ने खुजेस्तान, बुशहर, फार्स, होर्मुग्जन और बलूचिस्तान-सिस्तान प्रांतों के बंदरगाहों और सैन्य ठिकानों को तबाह किया था. ऐसा इसलिए ताकि ईरान की मेरीटाइम ताकत को छिन्न-भिन्न कर दिया जाए, जो ईरान की परंपागत ताकत रही है. इसी मेरीटाइम ताकत के चलते ईरान और आईआरजीसी ने पिछले पांच महीने से होर्मुज स्ट्रेट पर नेवल ब्लॉकेड कर रखा है.

US का होर्मुज के पूरी तरह खुलने का दावा

ट्रंप और सेंटकॉम जितना मर्जी दावा करें कि होर्मुज पूरी तरह खुला है और अमेरिकी नौसना होर्मुज को कंट्रोल या नियंत्रण कर रही है, लेकिन आईआरजीसी अभी भी कॉमर्शियल जहाज और ऑयल टैंकर्स पर लगातार ड्रोन स्ट्राइकर कर नेवीगेशन को बाधित कर रही है.

इससे पहले, 40 दिन की जंग में ईरान की राजधानी तेहरान को भी निशाना बनाया गया था. जिन इलाकों में ईरान के परमाणु संयंत्र है, वहां भी बमबारी की गई थी. वे इलाके थे – इस्फहान, यज्द, नतान , प्रचीन और फोरदो, लेकिन खास बात है, ये सभी हमले अमेरिका ने आसमान से किए थे. सेंटकॉम ने अभी तक एफ-22, एफ-35 और एफ-16 जैसे लड़ाकू विमानों और बी-2 स्प्रिट बॉम्बर के जरिए ईरान पर हमले किए थे.

यूएस ने बदली रणनीति

युद्धपोत से टॉमहॉक मिसाइल और कुवैत जैसे खाड़ी देशों के सैन्य ठिकानों से हिमार्स रॉकेट और ATACMS (आर्मी टेक्टिकल मिसाइल सिस्टम) मिसाइल से ईरान पर हमले किए थे, लेकिन पेंटागन-अमेरिकी रक्षा मंत्रालय को समझ आ गया है कि एयर-स्ट्राइक की अपनी एक क्षमता है. उस क्षमता से ज्यादा, युद्ध में निर्णायक सफलता मिलना मुश्किल है. ऐसे में पेंटागन ने अपनी रणनीति बदल दी है.

इराक-कुवैत से सटे ईरानी इलाकों में US का हमला

पिछले दो दिनों से अमेरिका की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के उन प्रांतों पर हमले किए हैं, जो इराक और कुवैत से सटे हैं. पिछले पांच महीने में सेंटकॉम ने इन प्रांतों पर कभी अटैक नहीं किया था. जानकारी के मुताबिक, इराक और कुवैत से सटे पूर्वी अजरबैजान, कुर्दिस्तान, इलम और हमादान जैसे प्रांतों में अमेरिका के हमले देखे गए हैं. खुद ईरान ने इस बात की तस्दीक की है. माना जा रहा है कि इन प्रांतों में ईरानी सेना और आईआरजीसी के ठिकानों को निशाना बनाया गया है.

सोमवार (20 जुलाई) को सीनेट की बैठक में यूएस ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल डैन कैन ने भी हवाई हमलों की लिमिटेशन के बारे में जिक्र किया था. एक सीनेटर के सवाल के जवाब में कि क्या अब अमेरिका, ईरान के खिलाफ ग्राउंड अटैक करेगा, जनरल कैन ने ऐसे किसी भी हाइपोथेटिकल सवाल का जवाव देने से इंकार कर दिया. लेकिन साथ में ये भी जोड़ दिया कि उन्होंने (जनरल कैन ने) अमेरिकी राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ निर्णयाक जीत के लिए सभी विकल्प की जानकारी साझा की है. लेकिन इन विकल्पों के साथ यूएस मिलिट्री को होने वाले खतरों से भी आगाह किया है.

अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का खतरा

पेंटागन भली-भांति जानता है कि ईरान पर ग्राउंड अटैक करने से बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का अंदेशा है, क्योंकि ईरानी सेना भी जमीनी लड़ाई की तैयारी कर रही है. यही वजह है कि अमेरिका भी फूंक-फूंक कर कदम रखा है. एबीपी लाइव में हमने सबसे पहले इजरायल के सोशल मीडिया पर वायरल एक ग्राफिक्स-मैप का खुलासा किया था.

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इस मैप में दिखाया गया था कि कैसे खाड़ी देशों की मदद से अमेरिकी सेना, ईरान पर ग्राउंड अटैक की तैयारी कर रही है. इसके अलावा, इराक में सक्रिय कुर्द मिलिशिया भी इजरायली स्पेशल फोर्सेज़ की मदद से ईरान के बॉर्डर से हमले की तैयारी कर रहे हैं. इस मैप के खुलासे के बाद से ईरान में हड़कंप मच गया है.

US नेवी का बेड़ा होर्मुज-फारस की खाड़ी की ओर बढ़ रहा

ग्राउंड अटैक मैप के खुलासे के बाद, ईरान के कई कमांडर ने कहा था कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया, तब ऐसी परिस्थितियों में खुद ईरान अपने संसाधनों को तबाह कर देगा. क्योंकि ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही हैं कि अमेरिका, ईरान के खर्ग आईलैंड और केशम द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए ओमान की खाड़ी में तैनात अमेरिकी नौसेना का जंगी बेड़ा धीरे-धीरे होर्मुज स्ट्रेट और फारस की खाड़ी की तरफ बढ़ रहा है.

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