Sudden Increase In Stool Frequency Reasons: अगर आपको पहले की तुलना में बार-बार लैट्रिन जाने की जरूरत महसूस होने लगी है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. हालांकि हर व्यक्ति के बाथरूम जाने का पैटर्न अलग होता है. कोई दिन में एक बार जाता है तो कोई दो या तीन बार भी जा सकता है. लेकिन अगर अचानक आपकी लैट्रिन जाने की संख्या बढ़ गई है और यह बदलाव कई दिनों तक बना हुआ है, तो इसके पीछे कोई स्वास्थ्य समस्या हो सकती है.
एक्सपर्ट के मुताबिक दिन में तीन बार से लेकर सप्ताह में तीन बार तक मल त्याग होना सामान्य माना जा सकता है. इसलिए केवल संख्या के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि कोई समस्या है या नहीं. असली चिंता तब होती है, जब आपकी सामान्य आदत में अचानक बदलाव आ जाए और बार-बार लैट्रिन जाने की जरूरत महसूस होने लगे.
क्या होते हैं इसके पीछे कारण?
clevelandclinic के अनुसार, इसके पीछे कई सामान्य कारण भी हो सकते हैं. यदि आपने हाल ही में अपनी डाइट में फाइबर वाली चीजें जैसे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज बढ़ाए हैं, तो इससे मल त्याग की संख्या बढ़ सकती है. इसी तरह ज्यादा कॉफी या चाय पीना भी आंतों की गतिविधि तेज कर सकता है. कई लोगों में बहुत ज्यादा मसालेदार, तला-भुना खाना या ऐसा भोजन जिसे शरीर आसानी से पचा नहीं पाता, उसकी वजह से भी बार-बार लैट्रिन जाने की समस्या हो सकती है.
दवाइयां और सप्लीमेंट भी इसका कारण
कुछ दवाइयां और सप्लीमेंट भी इसका कारण बन सकते हैं. विटामिन सी, मैग्नीशियम, कुछ एंटीबायोटिक और कुछ एंटीडिप्रेसेंट दवाओं के सेवन से मल त्यागने की संख्या बढ़ सकती है. महिलाओं में पीरियड्स या गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में होने वाले बदलाव भी इस समस्या की वजह बन सकते हैं, वहीं तनाव और चिंता का सीधा असर भी पाचन तंत्र पर पड़ता है, जिससे कई लोगों को बार-बार बाथरूम जाने की जरूरत महसूस होती है.
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क्या होते हैं इसके लक्षण?
अगर बार-बार लैट्रिन जाने के साथ पेट दर्द, खून आना, तेज बुखार, मतली, कमजोरी या तेजी से वजन कम होना जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. फूड पॉइजनिंग, आंतों का इंफेक्शन, हाइपरथायरॉयडिज्म, सीलिएक डिजीज, क्रोहन डिजीज, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज या बड़ी आंत से जुड़ी अन्य समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं. लंबे समय तक रहने वाली समस्या को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है. अगर यह परेशानी कुछ दिनों से ज्यादा बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कारण पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट, स्टूल टेस्ट, ब्रीथ टेस्ट या जरूरत पड़ने पर इमेजिंग जांच कराई जा सकती है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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