- यूपी, मध्य भारत में बारिश बढ़ेगी; एल नीनो जारी रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से कभी तेज बारिश तो कभी उमस भरा मौसम देखने को मिल रहा है. ऐसे में दिल्ली के लोगों के मन में अब सवाल है कि आखिर आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा? इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार (30 जुलाई, 2026) से 12 अगस्त 2026 तक का विस्तारित मौसम पूर्वानुमान जारी किया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दो हफ्तों में दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज बदलता रहेगा. सप्ताह की शुरुआत में बारिश की गतिविधियां सीमित रह सकती हैं, लेकिन बाद के दिनों में इनमें बढ़ोतरी होने की संभावना है. हालांकि, दिल्ली के लिए इस रिपोर्ट में किसी तरह का अलग भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है.
दिल्ली में कब बढ़ेगी बारिश?
IMD के अनुसार, 30 जुलाई से 5 अगस्त के बीच मानसून ट्रफ सामान्य स्थिति से दक्षिण में बनी रहेगी और सप्ताह के दूसरे हिस्से में धीरे-धीरे उत्तर की ओर खिसकेगी. इसी दौरान उत्तर-पश्चिम भारत पर एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर भी रहेगा.
इन दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से दिल्ली और आसपास के इलाकों में सप्ताह के दूसरे हिस्से में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की भी संभावना है.
बारिश होगी, लेकिन उमस से पूरी राहत नहीं
हालांकि, बारिश के बावजूद दिल्लीवासियों को उमस से पूरी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. IMD के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है. ऐसे में जब बारिश नहीं होगी, तब हवा में नमी अधिक रहने के कारण उमस महसूस होगी.
राहत की बात यह है कि अगले दो हफ्तों में दिल्ली समेत देश के किसी भी हिस्से में हीटवेव या गर्म रात (Warm Night) की संभावना नहीं है और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा.
उत्तर प्रदेश में भी बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में भी अगले दो हफ्तों के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. 30 जुलाई से 5 अगस्त के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.
वहीं, 6 से 12 अगस्त के दौरान मानसून ट्रफ के सामान्य स्थिति के करीब आने और बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत हैं. इसके असर से खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. हालांकि, IMD ने इस विस्तारित रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के लिए किसी व्यापक भारी बारिश का अलग अलर्ट जारी नहीं किया है.
महाराष्ट्र में भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर
अगले कुछ दिनों में सबसे ज्यादा बारिश का असर महाराष्ट्र में देखने को मिल सकता है. IMD के मुताबिक, 30 जुलाई से 5 अगस्त के बीच मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
30 और 31 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र, 30 जुलाई को मराठवाड़ा और विदर्भ तथा 31 जुलाई और 1 अगस्त को गुजरात क्षेत्र के साथ लगते इलाकों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है. कोंकण और गोवा में भी कई दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और भूस्खलन जैसी स्थितियों की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
देश के इन राज्यों में होगी ज्यादा बारिश
IMD के मुताबिक, 30 जुलाई से 5 अगस्त के दौरान मध्य और पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत और पश्चिमी हिमालय राज्यों में भी कई दिनों तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा. कई इलाकों में भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है.
वहीं, देश के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का भी अनुमान है. कुल मिलाकर पहले सप्ताह में पूरे देश में बारिश सामान्य के आसपास रहने की संभावना है.
6 से 12 अगस्त के बीच फिर बदलेगा मौसम
IMD के अनुसार, अगस्त के दूसरे सप्ताह में मानसून ट्रफ सामान्य या सामान्य से उत्तर की ओर रहने की संभावना है. इस दौरान उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बनने और उसके प्रभाव से नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत हैं.
इसके चलते ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में भी कई दिनों तक भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है. पूरे देश में कुल वर्षा सामान्य रहने की संभावना जताई गई है.
मानसून की मौजूदा स्थिति क्या है?
IMD के मुताबिक, 23 से 29 जुलाई के दौरान पूरे देश में साप्ताहिक बारिश सामान्य से 1 प्रतिशत अधिक रही. हालांकि, 1 जून से 29 जुलाई तक पूरे मानसून सीजन में देश में अब भी सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है.
इस प्रकार है क्षेत्रवार स्थिति:
- पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: सामान्य से 30% कम बारिश
- उत्तर-पश्चिम भारत: सामान्य से 10% कम बारिश
- मध्य भारत: लगभग सामान्य (-1%)
- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: सामान्य से 26% कम बारिश
- पूरे देश में: सामान्य से 15% कम बारिश.
एल नीनो रहेगा प्रभावी
मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि प्रशांत महासागर में एल नीनो (El Niño) की स्थिति बनी हुई है और दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान इसके और मजबूत होने की संभावना है. वहीं, इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) फिलहाल न्यूट्रल स्थिति में है और पूरे मानसून सीजन के दौरान इसके इसी स्थिति में बने रहने का अनुमान है.
क्या है सबसे बड़ा संदेश?
IMD के विस्तारित पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अगले दो हफ्तों के दौरान बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, लेकिन दिल्ली के लिए फिलहाल किसी बड़े या व्यापक भारी बारिश के अलर्ट का जिक्र नहीं किया गया है.
दूसरी ओर महाराष्ट्र, खासकर मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ और कोंकण क्षेत्र में अगले कुछ दिन भारी से बहुत भारी बारिश वाले रह सकते हैं. यानी दिल्लीवालों को बारिश के साथ उमस का भी सामना करना पड़ सकता है, जबकि महाराष्ट्र में तेज बारिश का असर अधिक देखने को मिल सकता है.
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