दो छिपकलियों का आपस में लड़ना: नारद संहिता और वास्तु का सच

दो छिपकलियों का आपस में लड़ना: नारद संहिता और वास्तु का सच


Shakun Shastra: अक्सर हम घर की दीवारों पर दो छिपकलियों को आपस में लड़ते या एक-दूसरे का पीछा करते हुए देखते हैं. कई लोग इसे एक सामान्य प्राकृतिक घटना मानकर अनदेखा कर देते हैं, तो कई लोग इसे देखकर असहज हो जाते हैं.

सनातन परंपरा, प्राचीन ज्योतिष ग्रंथों और विशेष रूप से नारद संहिता के शकुन विचार अध्याय में घर के भीतर छिपकलियों की हर गतिविधि का बहुत गहरा अर्थ बताया गया है.

शकुन शास्त्र में छिपकली को घर की ऊर्जा, देवी लक्ष्मी के आगमन और भविष्य में घटने वाली शुभ-अशुभ घटनाओं का सूचक माना गया है. ऐसे में दीवार पर दो छिपकलियों का आपस में लड़ना आपके जीवन और घर के वातावरण पर क्या प्रभाव डालता है, यह जानना बेहद जरूरी है.

नारद संहिता के शकुन विचार प्रकरण के अनुसार, घर के भीतर दो छिपकलियों का आपस में भिड़ना एक स्पष्ट नकारात्मक ऊर्जा और आने वाले विवाद का पूर्व संकेत माना गया है.

यदि आप अपने मुख्य कक्ष या पूजा घर के आसपास दो छिपकलियों को आपस में लड़ते हुए देखते हैं, तो नारद संहिता के अनुसार यह परिवार के सदस्यों के बीच अकारण मतभेद और वाद-विवाद बढ़ने की ओर इशारा करता है.

पति-पत्नी या भाइयों के बीच तनाव का संकेत

यह पति-पत्नी या भाइयों के बीच अचानक कड़वाहट पैदा होने का सूचक है. इसके अलावा, शास्त्रों में माना गया है कि छिपकलियों की लड़ाई आपके किसी पुराने मित्र, रिश्तेदार या व्यापारिक साझेदार से संबंध बिगड़ने का भी संकेत देती है. छिपकलियों का इस तरह हिंसक रूप से भिड़ना घर के वातावरण में एकाएक तनाव और नकारात्मकता को बढ़ा देता है, जिससे घर के सदस्यों को निर्णय लेने में असमंजस और मानसिक अशांति का सामना करना पड़ता है.

स्थान के हिसाब से भी इसके अलग-अलग फल बताए गए हैं. यदि मंदिर या पूजा घर की दीवार पर दो छिपकलियों का युद्ध दिखे, तो इसे वास्तु दोष और पूजा-पाठ में एकाग्रता की कमी से जोड़कर देखा जाता है, जो यह दर्शाता है कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो रहा है.

वहीं धन स्थान या तिजोरी के आसपास छिपकलियों का लड़ना आर्थिक नुकसान, अकारण खर्चे या व्यापार में मंदी आने का अंदेशा देता है. इसी तरह रसोई घर में छिपकलियों का भिड़ना घर के सदस्यों के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव और अन्न की बरकत में कमी का संकेत माना गया है.

उड़ सकती है घर की शांति!

ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से छिपकली का संबंध राहु और केतु जैसे छाया ग्रहों से माना जाता है, जबकि उनके बीच का आपसी संघर्ष मंगल के उग्र स्वभाव का प्रतिनिधित्व करता है. जब घर में दो छिपकलियां बार-बार लड़ती हुई दिखाई देती हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि घर में राहु का प्रभाव बढ़ रहा है और मंगल ग्रह दोष उत्पन्न कर रहा है. जब मंगल और राहु का यह संयोजन बनता है, तो घर के सदस्यों का गुस्सा अचानक बढ़ जाता है और वे छोटी-छोटी बातों पर अपना आपा खोने लगते हैं.

गंगाजल और सेंधा नमक मिला पानी छिड़क दें

यदि आपके घर में अक्सर छिपकलियों का आपस में लड़ना दिखता है, तो नारद संहिता और वास्तु शास्त्र में कुछ बेहद आसान उपाय बताए गए हैं. छिपकलियों की लड़ाई दिखने के तुरंत बाद उस स्थान पर थोड़ा सा गंगाजल और सेंधा नमक मिला हुआ पानी छिड़क दें, जिससे वहां पैदा हुई नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है.

संध्याकाल के समय घर के मंदिर में सरसों के तेल या शुद्ध घी का दीपक जलाएं और लोबान या गूगल की धूनी दिखाएं, जिससे राहु का दूषित प्रभाव कम होता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, जहाँ मोर पंख लगा होता है, वहां छिपकलियां कम आती हैं और उनका आपस में भिड़ना भी बंद हो जाता है. शास्त्रों के अनुसार किसी भी जीव को चोट पहुंचाना पाप माना गया है, इसलिए उन्हें मारने के बजाय मोर पंख की मदद से दूर भगाने का प्रयास करें.

संक्षेप में कहें तो दो छिपकलियों का आपस में लड़ना नारद संहिता के अनुसार आने वाले गृह-क्लेश या अकारण तनाव की पूर्व चेतावनी है. इसका उद्देश्य आपको डराना नहीं, बल्कि सतर्क करना है ताकि आप अपने व्यवहार में संयम रखें और पारिवारिक बातचीत में मिठास बनाए रखें.

घर में स्वच्छता, नियमित पूजा-पाठ और वास्तु के छोटे-छोटे नियमों का पालन करके आप इन नकारात्मक संकेतों के प्रभाव को पूरी तरह बेअसर कर सकते हैं.

FAQ

दो छिपकलियों का आपस में लड़ना क्या संकेत देता है?
लोक मान्यताओं और शकुन विचार में इसे घर में बढ़ते तनाव या मतभेद से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह छिपकलियों का स्वाभाविक क्षेत्रीय व्यवहार भी हो सकता है.

पूजा घर में छिपकलियों का लड़ना अशुभ होता है?
वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में इसे सकारात्मक वातावरण में बाधा का संकेत माना जाता है, लेकिन इसका कोई प्रमाणित वैज्ञानिक आधार नहीं है.

रसोई में छिपकलियों का लड़ना क्या दर्शाता है?
परंपरागत मान्यताएं इसे स्वास्थ्य और अन्न से संबंधित चिंता से जोड़ती हैं. व्यावहारिक रूप से रसोई की सफाई और खाद्य पदार्थों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए.

क्या छिपकलियों को घर से भगाना चाहिए?
उन्हें नुकसान पहुंचाए बिना खिड़की या सुरक्षित रास्ते से बाहर निकालना चाहिए. कीड़े-मकौड़े कम रखने और दरारें बंद करने से उनका आना घट सकता है.

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