Food Inflation: पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ने से पहले ही जनता काफी परेशान थी, लेकिन अब रसोई की अन्य चीजों के दाम भी सातवें आसमान को छू रहे हैं. पहले दूध, फिर सब्जियां और अब खाने का तेल भी महंगा हो गया है. इसमें सरसों का तेल, मूंगफली का तेल, तिल्ली का तेल, कच्चा पाम ऑइल और बिनौला तेल भी शामिल है. इससे अब एक बार फिर से गृहणियों के किचन का बजट जो है वो गड़बड़ हो जाएगा.
तेल की कीमतों में दिखा भारी उछाल
खाने वाला तेल हर घर, होटल और रेस्टोरेंट्स में काफी इस्तेमाल किया जाता है. खासतौर से त्यौहार के सीजन में इसकी मांगे काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं. ऐसे में बीते महीने से ही इसकी कीमतों में काफी तेजी नजर आई है. पिछले हफ्ते ही डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट दर्ज की गई है, जिसके कारण खाने का वो तेल जो बाहर से मंगवाया जाता है उसकी कीमत में तेजी देखी गई है.
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कितना आया भारत का खाद्य तेल आयात बिल?
SEA (Solvent Extractors Association of India) के अध्यक्ष संजीव अस्थाना ने अपने सदस्यों को लिखे एक पत्र में बढ़ते आयात बिल पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है और अब ऑइलसीड रिवोल्यूशन को और टाला नहीं जा सकता.
उन्होंने ये भी कहा कि भारत खाद्य तेल के मामले में एक अहम मोड़ पर खड़ा है. पिछले साल देश का खाद्य तेल आयात बिल 1.61 लाख करोड़ रुपये था, लेकिन इस साल इसके बढ़कर 1.75 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है.
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कितने बढ़े तेल के दाम?
- सरसों के तेल की कीमत 650 रुपये की तेजी के साथ 16,550 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है.
- सरसों पक्की घानी और कच्ची घानी तेल की कीमतों में 90 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.
- सोयाबीन के तेल की कीमत 375 रुपये की तेजी के बाद 7400 से 7475 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है.
- मूंगफली का तेल गुजरात में 1000 रुपये की बढ़त के साथ 17000 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है.
- मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल की कीमत 105 रुपये महंगा होकर 2665 से 2965 रुपये प्रति टिन (15 किलो) पर बंद हुआ है.
सोयाबीन की घटी आवक, सरसों की डिमांड में इजाफा
वहीं कुछ रिपोर्ट्स ने ये दावा भी किया है कि सोयाबीन की आवक मंडियों में तेजी से घट रही है. पिछले हफ्ते आवक दर 60 हजार बोरी थी जो अब घटकर महज 10 बोरी ही हो गई है. तो वहीं कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि सरसों की आवक कम हो गई है लेकिन बाजार में इसकी डिमांड कापी हद तक बढ़ गई है. जिसके चलते सरसों के तेल का दाम भी अब सोयाबीन और पाम-पामोलीन से 10 से 15 रुपये प्रति किलो के हिसब से बढ़ गया है.






