Complaint Against Fertilizer Shopkeepers: फसल की क्वालिटी सही बीज, खाद और कीटनाशक पर निर्भर होती है. अगर इन सब चीजों में मिलावट हुई तो फिर फसल खराब होना तय है. कई जगहों पर दुकानदार किसानों को लो क्वालिटी चीजें बेच रहे हैं. लेकिन अब इन दुकानदारों की मनमानी नहीं चलेगी. सरकार ने नकली बीज, नकली खाद और घटिया कीटनाशक बेचने वालों पर नकेल कसने के लिए कड़े नियम बना दिए हैं.
अगर किसी किसान की फसल खराब होती है. तो वह चुप बैठने की बजाय सीधे एक्शन ले सकते हैं. दोषी पाए जाने पर दुकानदार का लाइसेंस तो रद्द होगा ही इसके साथ ही उस पर भारी जुर्माना और जेल की हवा खाने तक की नौबत आ सकती है. जान लीजिए कैसे आप कर सकते हैं शिकायत.
फसल खराब होने पर यहां करें शिकायत
अगर आपने खेत में बीज या खाद डाला और फसल खराब हो गई तो परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. सबसे पहले उस दुकान का पक्का बिल, बचे हुए बीज का पैकेट या खाद की बोरी को संभाल कर रखें. इसके बाद आप अपने ब्लॉक या जिले के कृषि विभाग के अधिकारी या सब-डिवीजनल एग्रीकल्चर ऑफिसर के पास जाकर लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
इन तरीकों से भी कर सकते हैं शिकायत
सरकार ने इसके लिए बकायदा हेल्पलाइन नंबर्स और ऑनलाइन पोर्टल भी जारी किए हैं. जहां आप घर बैठे अपनी शिकायत रजिस्टर करवा सकते हैं. शिकायत मिलते ही कृषि विभाग की एक टीम आपके खेत का मुआयना करने आएगी, फसल के नुकसान का पंचनामा तैयार करेगी और जांच के लिए सैंपल लैब भेजेगी.
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दुकानदारों पर क्या होगी कार्रवाई?
जांच में अगर यह साबित हो जाता है कि बीज या खाद वास्तव में नकली या सब-स्टैंडर्ड यानी घटिया क्वालिटी के थे. तो उस खाद-बीज बेचने वाले दुकानदार और कंपनी पर कार्रवाई होगी. कीटनाशक अधिनियम और बीज नियंत्रण आदेश के तहत प्रशासन तुरंत सख्त एक्शन लेता है. सबसे पहले उस दुकान का लाइसेंस सस्पेंड या हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाता है.
इसके अलावा दोषी दुकानदार पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाता है और धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेजा जा सकता है. यही नहीं कृषि विभाग के जरिए पीड़ित किसान को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की कानूनी प्रोसेस भी शुरू की जाती है. जिससे किसान की लागत वसूल हो सके.
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