Cucumber Cultivation Tips: देश के कई हिस्सों में बारिश की आमद हो चुकी है. मॉनसून के सीजन में कम लागत और कम समय में बेहतरीन मुनाफा कमाने के लिए खीरे की खेती एक बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकती है. बरसात के मौसम में मार्केट में ताजे खीरे की डिमांड काफी ज्यादा बढ़ जाती है. हालांकि, सही जानकारी और सही बीज न चुनने की वजह से बारिश में फसल सड़ने या उसमें बीमारियां लगने का रिस्क रहता है.
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सही किस्मों का चुनाव करके और खेतों में पानी निकलने का सही इंतजाम रखकर बारिश में भी खीरे की फसल से रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन हासिल किया जा सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि इस सीजन कौन-सी किस्में सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होंगी.
मॉनसून के लिए खीरे की सबसे बेहतरीन किस्में
एक्सपर्ट्स के मुताबिक बरसात के दिनों में खीरे की उन्नत किस्मों जैसे स्वर्ण पूरबी, पूसा संयोग, पंत खीरा-1 और मालिनी की बुवाई करना बेहद फायदेमंद होता है. यह किस्में जलजमाव और मॉनसून में होने वाले फंगल इन्फेक्शन को सहने में काफी सक्षम होती हैं.
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इसके अलावा प्राइवेट कंपनियों के हाइब्रिड बीज भी तेजी से ग्रोथ करते हैं और इनमें फल जल्दी आने लगते हैं. इन किस्मों का फायदा यह है कि इनके फल दिखने में सीधे, हरे और क्रिस्पी होते हैं, जिनकी मार्केट में बहुत अच्छी कीमत मिलती है. बुवाई से पहले बीजों को सही तरीके से सीड ट्रीटमेंट जरूर कर लेना चाहिए जिससे फसल शुरुआती दौर में ही बीमारियों से बची रहे.
खेती का सही तरीका
मॉनसून में खीरे की खेती करते समय सबसे ज्यादा ध्यान खेत की तैयारी पर देना चाहिए. जमीन में पानी रुकना नहीं चाहिए, इसलिए मेढ़ बनाकर बुवाई करना सबसे सही तरीका माना जाता है. इसके साथ ही बांस और तार की मदद से मचान बनाकर बेल को ऊपर चढ़ाना चाहिए.
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इससे खीरे के फल मिट्टी और पानी के संपर्क में नहीं आते. जिससे उनके सड़ने का खतरा खत्म हो जाता है और पैदावार भी साफ-सुथरी मिलती है. समय-समय पर जैविक कीटनाशक या नीम के तेल का स्प्रे करते रहें जिससे कि कीटों का हमला न हो. इस तरीके से खेती करने पर करीब 40 से 45 दिनों में ही फल तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं.
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