Mental Health Special Theaters : हॉस्पिटल का नाम सुनते ही सबसे पहले मशीनों की आवाज, दवाइयों, इलाज की चिंता और तनाव भरा माहौल याद आता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा देश है जहां हॉस्पिटल्स के अंदर खास थिएटर बनाए गए हैं. इन थिएटरों का मकसद मरीजों को कुछ समय के लिए हॉस्पिटल के माहौल से बाहर निकालकर उन्हें नॉर्मल लाइफ जैसा एहसास कराना और उनकी मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करना है. तो आइए जानते हैं कि मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए किस देश में स्पेशल थिएटर बन रहे और यहां इलाज कैसे होता है.
मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए किस देश में स्पेशल थिएटर बन रहे?
ब्रिटेन में मरीजों की मानसिक सेहत बेहतर बनाने के लिए हॉस्पिटल्स के अंदर मेडिसिनेमा नाम से खास थिएटर बनाए गए हैं. इन थिएटरों में हॉस्पिटल में भर्ती बच्चे और बड़े मरीज नई फिल्मों का आनंद ले सकते हैं, जिससे कुछ समय के लिए दर्द, तनाव और हॉस्पिटल के माहौल को भूल सकें. अभी ब्रिटेन के अलग-अलग हॉस्पिटल्स में ऐसे 9 मेडिसिनेमा थिएटर संचालित हो रहे हैं. यहां डॉक्टर और नर्स मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तय करते हैं कि कौन फिल्म देखने जा सकता है. इस पहल का उद्देश्य इलाज के साथ-साथ मरीजों को मानसिक राहत देना और उन्हें नॉर्मल लाइफ जैसा एक्सपीरियंस कराना है
यहां इलाज कैसे होता है?
मेडिसिनेमा के संचालन की जिम्मेदारी साइमन हिक्सन संभालते हैं. वे हर सुबह हॉस्पिटल के अलग-अलग वार्ड में जाकर डॉक्टरों और नर्सों से बात करते हैं और यह तय करते हैं कि कौन-से मरीज फिल्म देखने की स्थिति में हैं. फिल्म शुरू होने से पहले नर्स और मरीजों को उनके वार्ड से थिएटर तक लेकर आते हैं. थिएटर में सिर्फ सीटें ही नहीं हैं, बल्कि ऐसे विशेष स्थान भी बनाए गए हैं, जहां चार बेड पर लेटे मरीज और तीन रिक्लाइनर पर बैठने वाले मरीज भी आराम से फिल्म देख सकते हैं.
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हर उम्र के मरीजों के लिए खुला है यह थिएटर
एक स्क्रीनिंग के दौरान यहां अलग-अलग उम्र और स्वास्थ्य स्थिति वाले मरीज मौजूद थे. इनमें एक प्रेगनेंट महिला, ऑटोइम्यून बीमारी से जूझ रहा 4 वर्षीय बच्चा, हड्डी की बीमारी से पीड़ित 71 वर्षीय महिला और अन्य मरीज शामिल थे. 72 वर्षीय गैरी कुक, जो एक दुर्घटना में अपने पैरों में गंभीर चोट लगने के बाद भर्ती थे, ने फिल्म शुरू होने से पहले मजाक में पूछा कि अगर फिल्म के दौरान किसी को बाथरूम जाना पड़े या किसी मरीज को अचानक हार्ट अटैक आ जाए तो क्या होगा. इस पर पास मौजूद नर्स ने बताया कि जरूरत पड़ने पर मेडिकल स्टाफ तुरंत मदद के लिए मौजूद रहेगा.
कैसे हुई मेडिसिनेमा की शुरुआत?
करीब 30 साल पहले क्रिस्टीन हिल ने सेंट थॉमस हॉस्पिटल में कुछ बच्चों को हॉस्पिटल के बगीचे में खुशी से समय बिताते देखा. तभी उनके मन में हॉस्पिटल के अंदर सिनेमा शुरू करने का विचार आया, जिससे मरीज भी फिल्मों के जरिए कुछ समय के लिए अपनी परेशानी भूल सकें. शुरुआती विरोध के बाद भी उन्होंने हॉस्पिटल के एक लेक्चर थिएटर को सिनेमा में बदलने के लिए पैसे इकट्ठा किए. इसके बाद दिसंबर 1999 में पहला मेडिसिनेमा शुरू हुआ, जहां सबसे पहले इंस्पेक्टर गैजेट फिल्म दिखाई गई.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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