देवी शीतला नीम के पेड़ पर वास करती है. ऐसे में शीतला अष्टमी पर नीम के पेड़ को जल चढ़ाएं और 7 बार परिक्रमा करें. इससे संतान पर आने वाले संकट दूर होते हैं. सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

आपका बच्चा बार-बार बीमार होता है या फिर घर में लंबे समय से कोई रोगी है तो शीतला अष्टमी पर देवी को हल्दी चढ़ाएं. पूजा के बाद यह हल्दी अपने परिवार के सभी लोगों को लगाएं. इससे बीमारियों का नाश होता है.

परिवार की सुख-शांति के लिए शीतला अष्टमी पर पूजा में मां शीतला को चढ़ाया जल थोड़ा सा इक्ठ्ठा कर लें और फिर ये जल अपने घर के मुख्य द्वार और घर के हर कोने में छिड़क दें. इससे बुरी शक्तियां कभी परेशान नहीं करती. साथ ही परिवार खुशहाल रहता है.

देवी शीतला का वाहन गधा है. इस दिन गधे को घास खिलाएं. इसके अलावा पूजा में चढ़ाया भोग किसी कुम्हारिन को जरुर दें. इससे पूजा सफल होती है. संतान को लंबी आयु का वरदान मिलता है.

शीतला अष्टमी पर व्यक्ति को नई झाड़ू और सूप घर लेकर आना चाहिए. इससे देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती है.

इस दिन पूजा में सुबह ‘ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः’ मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें.
Published at : 30 Mar 2024 04:27 PM (IST)






