ट्रंप के दबाव में 13 देश! खामेनेई के अंतिम संस्कार से बनाई दूरी, ईरान का दावा- US की घटिया चाल

ट्रंप के दबाव में 13 देश! खामेनेई के अंतिम संस्कार से बनाई दूरी, ईरान का दावा- US की घटिया चाल


जियोपॉलिटिक्स का पिछले चार महीने से केंद्र बना मिडिल ईस्ट एक तरफ शोक में डूबा हुआ है. ईरान अपने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई को अंतिम विदाई देने जुटा है, तो वहीं, अमेरिका के दवाब में कई देशों ने खामेनेई के अंतिम संस्कार से दूरी बना रखी है. यह एक तरह से कूटनीतिक अभियान माना जा रहा है. 

अमेरिका की इस कूटनीतिक चाल को लेकर जानकार कई नजर से देख रहे हैं. कम से कम 13 ऐसे देश हैं, जिन्होंने ईरान के इस शोक से दूरी बना ली, या फिर अपने डेलीगेशन को कम कर दिया. 

ANI ने ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया, इसमें सूत्र की तरफ से दावा किया है कि अमेरिका ने विदेशी भागीदारी रोकने के लिए कूटनीतिक अभियान चलाया है. 

खामेनेई के अंतिम संस्कार में कई देश शामिल हुए हैं
तेहरान में इमाम खुमैनी ग्रैंड मुसल्ला में चल रहे इस कार्यक्रम में कई देशों के डेलीगेशन पहुंचे हैं. यह कार्यक्रम शनिवार को शुरू हुआ, जो अब 9 जुलाई तक चलेगा. यह क्रिया कर्म खामेनेई को गृहनगर मशहद में सुपुर्द ए खाक करने के बाद समाप्त हो जाएगा. 

अमेरिकी विदेश मंत्री ने जारी किए हैं निर्देश
दावा किया गया है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस मामले में 26 जून को अमेरिकी दूतावसों और कूटनीतिक मिशन में सीक्रेट निर्देश जारी किए. इसका मकसद मेजबान देशों को रोकना शामिल है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मेजबान देशों की भागीदारी रोकने के लिए मैत्रीपूर्ण संबंधों को हवाला दिया गया है.

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अरब के दो राजनयिकों ने किया दावा, अमेरिका पर लगाए आरोप

अरब के दो राजनयिकों ने आरोप लगाया कि अमेरिका की तरफ से कई अफ्रीकी देशों में डेवलपमेंट में सहयोग रोकने की बात कही गई है. इनके अलावा पांच अरब देशों में खुद रुबियो ने व्यक्तिगत रूप से चर्चा की है. 

अमेरिका के दवाब में आने वाले कौनसे देश हैं?
जिन 13 देशों को लेकर दावा किया गया है, उनमें यूरोप के तीन, अफ्रिका के पांच, फारस की खाड़ी के दो अरब देश और दो एशिया के देश शामिल हैं. इन देशों ने या तो समारोह से दूरी बना ली, या अपने डेलीगेशन को कम करके भेजा है. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में अयातुल्लाह खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद से ईरान के सुप्रीम लीडर की कुर्सी को उनके बेटे मोजतबा खामेनेई संभाल रहे हैं. 

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