- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती से मांग भी बढ़ी.
Gold-Silver Price: अगस्त के शुरुआती चंद दिनों में सोने-चांदी की कीमतों ने गजब की रफ्तार पकड़ी. इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त के शुरुआती सिर्फ पांच कारोबारी दिनों में सोने की कीमतें प्रति 10 ग्राम 7000 रुपये तक बढ़ गई हैं. इसी के साथ सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,49,621 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है.
चांदी की भी कीमत उछली
सोने की ही तरह चांदी की भी कीमतों में बंपर तेजी आई है. 99.9% शुद्धता वाली चांदी की कीमत इन 5 दिनों में 14000 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई है, जिससे इसकी कीमत 2,31,381 रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है.
कीमतों में क्यों आई ये ऐतिहासिक तेजी?
- सोने और चांदी की कीमतों में आई इस तेजी की कई बड़ी वजहें हैं. सबसे पहले तो अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग इसकी सबसे बड़ी वजह है. मिडिल ईस्ट में गहराते संकट की वजह से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है. ऐसे में निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से पैसा निकालकर सोने पर लगा रहे हैं, जिसे सुरक्षित निवेश के तौर पर जाना जाता है. इससे सोने की डिमांड बढ़ रही है और कीमतों में तेजी आ रही है.
- स्पॉट गोल्ड की बढ़ती कीमतें भी इस तेजी के लिए जिम्मेदार हैं. वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड 4250 से 4350 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई है. इसका सीधा असर भारत के घरेलू मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पड़ रहा है.
- कीमती धातुओं की इस बंपर तेजी के लिए यूएस फेडरल रिजर्व की नीतियां भी जिम्मेदार हैं. अमेरिका में रोजगार और महंगाई के आंकड़ों के चलते अमेरिकी केंद्रीय बैंक यूएस फेड रिजर्व द्वारा आगामी ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ गई है. आमतौर पर ब्याज दरें घटने की स्थिति में सोने की मांग बढ़ जाती है और कीमतें तेजी से ऊपर जाती हैं. ब्याज दरें घटती हैं, तो बैंक FD, सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न कम हो जाता है, तो निवेशक अधिक मुनाफे के लिए सोने पर निवेश बढ़ा देते हैं.
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