भौमवती अमावस्या पर 2-3 लौंग के साथ कपूर जलाकर घर में धुआं करें. धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल अर्पित करें और हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें. इसे मांगलिक दोष की शांति के लिए शुभ माना जाता है. इसके अलावा अगर किसी पर मंगल दोष है तो इस भौमवती अमावस्या पर गुड़ या शहद का दान कर सकते हैं.

भौमवती अमावस्या के दिन पीतल के दीपक में सरसों का तेल डालकर दक्षिण दिशा की तरफ रखें. संभव हो तो कोशिश करें कि ये दीपक अमावस्या की पूरी रात जलता रहे. इससे कुंडली में पितृ दोष के प्रबाव कम होते हैं. पितृ दोष हटाने के ये सबसे सरल उपायों में से एक है.

भौमवती अमावस्या के दिन कौए, चिढ़िया, कुत्ते और गाय को रोटी खिलाएं. इससे पितर प्रसन्न होते हैं और जीवन आर्थिक रूप से आ रही परेशानी खत्म होती है.

पीपल पर जल चढ़ाकर दीपक जलाएं और शिवलिंग पर जल, काले तिल और बेलपत्र अर्पित करें. मान्यता है इससे शनि दोष में कमी आती है. साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभाव भी कम होते हैं.
Published at : 06 Jul 2026 04:23 PM (IST)






