लोजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के पिता और भारतीय राजनीति के दिग्गज दिवंगत नेता राम विलास पासवान की रविवार को जयंती है. इसी सिलसिले में चिराग पासवान से तमाम मुद्दों पर एबीपी न्यूज से बातचीत की है. उन्होंने अपने पिता से लेकर बांकीपुर चुनाव और पार्टी विस्तार की योजना से लेकर कई मुद्दों पर अपनी राय रखी. इस दौरान चिराग अपने पिता की याद में खोए नजर आए.
पिता को याद कर भावुक हुए चिराग, बताया अपना नेता
चिराग पासवान ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मेरे पिता की तमाम यादें, बचपन से लेकर आज तक अलग-अलग समय पर मेरे मन में आती रहती हैं. लेकिन उन्हीं के विचारों के अनुरूप पार्टी का विस्तार हो, विकास की बात हो, जातीयता और सांप्रदायिकता से ऊपर उठकर राजनीति हो, यही मेरे नेता रामविलास पासवान की सोच थी.
उन्होंने बताया, ‘हालांकि उनके जाने के बाद हमारी पार्टी काफी समय तक अपने ही उतार-चढ़ाव में उलझी रही. इस कारण जिस तरह का विस्तार होना चाहिए था, वह नहीं हो पाया. लेकिन जब-जब हमें अवसर मिला, हमने पार्टी को आगे बढ़ाने का काम किया. आज झारखंड और नागालैंड में हमारे विधायक हैं, कई राज्यों में हमारे जनप्रतिनिधि हैं. उत्तर प्रदेश न सिर्फ बिहार का पड़ोसी राज्य है, बल्कि मेरे नेता रामविलास पासवान के दिल के भी बेहद करीब रहा है. यहां की चिंताएं भी उनके दिल के करीब थीं. ऐसे में अब पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन के विस्तार का काम कर रही है.’
बांकीपुर उपचुनाव और प्रशांत किशोर पर क्या बोले चिराग?
चिराग पासवान ने बिहार में प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद दिलचस्प हुए इस मुकाबले पर भी अपनी बात रखी. चिराग ने कहा कि हर राजनीतिक दल चुनाव लड़ने का प्रयास करेगा. प्रशांत किशोर जी ने पिछले विधानसभा चुनाव में भी अपने दल को पहचान दिलाने का प्रयास किया था, लेकिन उस समय उन्हें सफलता नहीं मिली. अब अगर वे उपचुनाव के माध्यम से चुनाव लड़ते हैं, तो यह उनका निजी फैसला है. मैं इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करूंगा. लेकिन मैं इतना जरूर मानता हूं कि यह एनडीए की सीट है. भारतीय जनता पार्टी लगातार यहां जीतती रही है. आज इस सीट के विधायक राज्यसभा सांसद बनकर देश की सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. वह मेरे गृह राज्य बिहार से आते हैं और आज लखनऊ में भी हैं. इसलिए मेरा मानना है कि एक बार फिर एनडीए इस सीट पर जीत दर्ज करेगा.
बिहार के अन्य राजनीतिक दलों की उत्तर प्रदेश में एंट्री पर क्या बोले चिराग?
चिराग ने कहा, ‘मैं मानता हूं कि लोकतंत्र की यही खूबसूरती है. लोगों के पास जितने अधिक विकल्प होंगे, लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा. आखिर फैसला जनता को ही लेना है. अगर उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां की जनता तय करेगी कि उसका विश्वास किस दल के साथ है. ऐसे में हर दल आए, अपनी बात रखे, यह लोकतंत्र की खूबसूरती है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) नई सोच और नई ऊर्जा के साथ अपने नेता की विरासत को संभालते हुए युवाओं के भविष्य को गति देने का काम करेगी और इसी सोच के साथ आगे बढ़ेगी.’
403 सीटों पर चुनाव लड़ने और संगठन की तैयारी पर क्या बोले चिराग?
चिराग ने कहा, ‘यह सवाल जब भी मुझसे पूछा जाता है, तो मुझे लगता है कि मुझे गठबंधन के दायरे में समेटने की कोशिश की जाती है. मैं हमेशा कहता हूं कि चाहे उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटें हों या बिहार की 243 सीटें, किसी भी राजनीतिक दल को हर सीट पर तैयारी करनी चाहिए. मेरे लिए यह बहुत छोटी सोच होगी कि मैं सिर्फ उन्हीं सीटों पर तैयारी करूं, जहां मेरी पार्टी चुनाव लड़ने की संभावना रखती हो. अगर गठबंधन के साथी चुनाव लड़ेंगे, तो मेरा सहयोग उन्हें भी मिलेगा. इसलिए हमारी तैयारी 403 सीटों पर होगी, ताकि जहां भी गठबंधन के साथी चुनाव लड़ें, वहां हमारे संगठन की ताकत का लाभ उन्हें मिल सके.’
2027 का चुनाव लड़ने और गठबंधन पर क्या बोले चिराग?
चिराग ने कहा, ‘जब तक मैं अपने संगठन को पूरी तरह मजबूत और तैयार नहीं कर लेता, तब तक आगे की कोई भी बात करना बेमानी है. बिहार में हमने गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा, झारखंड में भी गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा, लेकिन नागालैंड में, जहां आज हमारे दो विधायक हैं, वहां हमने गठबंधन के बिना चुनाव लड़ा था. गठबंधन रहेगा या नहीं रहेगा, इसका फैसला प्रदेश इकाई करेगी. पहले हम संगठन की समीक्षा करेंगे, अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम करेंगे, लोगों का रुझान देखेंगे. उसके बाद प्रदेश इकाई जो प्रस्ताव देगी, उसे केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सामने रखा जाएगा और वहीं गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा.’
महाराजा सुहेलदेव पासी को लेकर क्या बोले चिराग?
पासवान ने कहा, ‘किसी भी महापुरुष को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए. अगर आपकी उनमें आस्था और विश्वास है, तो उनके नाम से ज्यादा उनके विचारों पर चलना जरूरी है. मैं उसी सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करता हूं. महापुरुषों का सम्मान करते हुए मैं समाज को भेदभाव की राजनीति से दूर रखने का प्रयास करता हूं. मैं ऐसे विवादों में खुद को कभी नहीं उलझाऊंगा. हर किसी की अपनी आस्था और अपना विश्वास होता है. मैं जिस समाज से आता हूं, उसमें महाराजा सुहेलदेव पासी सबसे बड़े महापुरुष माने जाते हैं. इसलिए मेरा मानना है कि उन्हें लेकर कभी कोई मतभेद नहीं होना चाहिए.’
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भरत तिवारी एनकाउंटर और एनकाउंटर नीति पर क्या बोले चिराग?
चिराग पासवान ने कहा, ‘एनकाउंटर की सोच को समझना जरूरी है. ऐसे अपराधी जिन्होंने समाज में अत्याचार फैलाया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए. लेकिन यदि किसी एनकाउंटर की आड़ में किसी निर्दोष के साथ गलत होता है या उसकी हत्या कर दी जाती है, तो इसे मैं कतई स्वीकार नहीं करूंगा. जो भी दोषी होगा, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. कानून का डर असामाजिक तत्वों में होना चाहिए, लेकिन उसकी आड़ में किसी निर्दोष को सजा न मिले, यह सुनिश्चित करना भी सरकारों की जिम्मेदारी है.’
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर क्या बोले चिराग?
चिराग ने कहा, ‘यह बातें हर रामभक्त को चिंतित करती हैं. मैं स्वयं आस्तिक हूं और किसी की भी आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता. मुझे विश्वास है कि चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, दोनों यह सुनिश्चित करने का काम कर रही हैं कि जो भी दोषी हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले. जिन लोगों ने भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.’
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