IND vs ENG: इंग्लैंड दौरे पर लगातार निराशाजनक नतीजों के बावजूद भारतीय टीम मैनेजमेंट अपने लंबे प्लान से पीछे हटने को तैयार नहीं है. बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने साफ किया है कि टीम का फोकस सिर्फ मौजूदा सीरीज नहीं, बल्कि अगले टी20 विश्व कप के लिए मजबूत टीम तैयार करना है. इसी सोच के तहत 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका दिया गया.
वैभव का डेब्यू पहले से था तय
नॉटिंघम में तीसरे टी20 से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सितांशु कोटक ने बताया कि वैभव सूर्यवंशी शुरुआत से ही टीम की योजनाओं का हिस्सा थे. उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज को डेब्यू से पहले किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं थी, क्योंकि टीम मैनेजमेंट को उनकी प्रतिभा पर पूरा भरोसा था. कोटक के मुताबिक, टीम में शामिल होने के समय से ही यह तय था कि वैभव को डेब्यू कराया जाएगा.
15 साल की उम्र में बनाया रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी ने मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया. 15 साल और 99 दिन की उम्र में वह भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बने. आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले वैभव अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में बड़ी पारी नहीं खेल सके. उन्होंने 10 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें दो शानदार छक्के शामिल रहे.
बदलाव के दौर से गुजर रही है टीम
कोटक ने माना कि नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारतीय टीम अभी बदलाव के दौर से गुजर रही है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चोटिल ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की कमी टीम को महसूस हो रही है. हालांकि, उनका कहना है कि ऐसे दौर में युवा खिलाड़ियों को अवसर देना भविष्य के लिए जरूरी है.
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अगले वर्ल्ड कप पर है नजर
बैटिंग कोच ने कहा कि टीम का लक्ष्य सिर्फ मौजूदा सीरीज में जीत हासिल करना नहीं है. भारतीय टीम अगले दो साल बाद होने वाले टी20 विश्व कप का खिताब बचाने की तैयारी कर रही है. इसी वजह से युवा खिलाड़ियों को मौका देकर उन्हें बड़े मंच के लिए तैयार किया जा रहा है. टीम मैनेजमेंट का मानना है कि भविष्य की मजबूत टीम बनाने के लिए अभी से नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना जरूरी है.






