Bhairav Ashtami 2026 Upay: भारी कर्ज या दुश्मनों से हैं परेशान? भैरव अष्टमी की रात चुपचाप कर ले

Bhairav Ashtami 2026 Upay: भारी कर्ज या दुश्मनों से हैं परेशान? भैरव अष्टमी की रात चुपचाप कर ले


Masik Kalashtami 2026 Upay: क्या आप लंबे समय से कर्ज के बोझ से दबे हैं या दुश्मनों (शत्रु बाधा) की वजह से आपकी तरक्की रुकी हुई है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आषाढ़ (पूर्णिमान्त) या ज्येष्ठ (अमान्त) मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी आज 7 जुलाई 2026, मंगलवार को मनाई जाने वाली मासिक कालाष्टमी (Masik Kalashtami) के दिन किया गया एक छोटा सा उपाय आपकी इन सभी समस्याओं को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है.

भगवान शिव के रौद्र रूप माने जाने वाले बाबा काल भैरव को तंत्र-मंत्र, संकट और हर तरह की बाधाओं को दूर करने वाला देवता माना जाता है. इस लेख में जानिए आज मासिक कालाष्टमी की रात को चुपचाप किया जाने वाला वह गुप्त उपाय, जो आपकी सोई हुई किस्मत को चमका सकता है.

काल भैरव की पूजा का महत्व (Significance of Bhairav Ashtami)

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, काल भैरव की पूजा करने से जातकों को भय, रोग, कर्ज और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है. जो लोग नियमित रूप से या विशेष अवसरों पर भैरव जी की आराधना करते हैं, उनके जीवन में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव खत्म हो जाता है.

कर्ज और शत्रु बाधा से मुक्ति का ‘चुपचाप’ करने वाला उपाय

यदि आप भारी कर्ज से परेशान हैं या आपके गुप्त शत्रु आपके कार्यों में बाधा डाल रहे हैं, तो भैरव अष्टमी की रात को नीचे दिए गए उपाय को पूरी श्रद्धा के साथ करें:

आवश्यक सामग्री:

  • एक पुराना या नया साफ सूती कपड़ा (काला रंग)
  • सवा मुट्ठी काले तिल
  • सवा मुट्ठी काले उड़द
  • ₹1 या ₹11 का सिक्का
  • सरसों के तेल का एक दीपक

उपाय की विधि:

समय का रखें ध्यान: यह उपाय भैरव अष्टमी की रात को (रात 9 बजे से 12 बजे के बीच) चुपचाप करना है. उपाय करते समय किसी से बात न करें.

पोटली तैयार करें: काले कपड़े में सवा मुट्ठी काले तिल, सवा मुट्ठी उड़द और सिक्का रखकर एक पोटली बना लें.

काल भैरव का ध्यान: इस पोटली को अपने हाथ में रखकर भगवान काल भैरव के मंत्र “ॐ कालभैरवाय नमः” का 108 बार जाप करें और अपनी समस्या (कर्ज या शत्रु) को दूर करने की प्रार्थना करें.

सिर से वारें: मंत्र जाप के बाद इस पोटली को अपने सिर से पैर तक 7 बार (घड़ी की सुई की दिशा में) वार लें.

यहां छोड़ आएं: इसके बाद इस पोटली को चुपचाप ले जाकर किसी भैरव मंदिर, सुनसान चौराहे या किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख आएं. पीछे मुड़कर न देखें.

दीपक जलाएं: घर लौटकर मुख्य द्वार पर या पूजा स्थान पर सरसों के तेल का एक दीपक बाबा भैरव के नाम से जलाएं.

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • गोपनीयता: इस उपाय को बिल्कुल गुप्त (चुपचाप) रखना चाहिए. किसी को भी इस बारे में पहले या बाद में न बताएं.
  • सात्विकता: भैरव अष्टमी के दिन पूरी तरह सात्विक रहें. तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें.
  • दान का महत्व: इस दिन काले कुत्ते को सरसों के तेल से चुपड़ी हुई रोटी खिलाना बेहद शुभ माना जाता है. इससे राहु-केतु के दोष भी शांत होते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 



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