Devshayani Ekadashi 2026: 25 जुलाई 2026 को देवशयनी एकादशी का पावन पर्व मनाया जा रहा है. सनातन धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व माना गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है.
ऐसे में इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, दान और मंत्र जाप का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि देवशयनी एकादशी की रात श्रद्धा और एकाग्र मन से भगवान विष्णु के एक विशेष मंत्र का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और शुभ फल की प्राप्ति होती है.
कौन-सा मंत्र करें?
देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु का सबसे प्रभावशाली मंत्र माना जाता है.
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।”
यह भगवान विष्णु का द्वादशाक्षरी मंत्र है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंत्र का जाप करने से मन शांत होता है, नकारात्मक विचार दूर होते हैं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है.
कैसे करें मंत्र जाप?
रात में सोने से पहले स्नान कर लें या हाथ-पैर धोकर स्वच्छ वस्त्र पहनें. पूजा स्थान पर भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाएं. उन्हें तुलसी दल और पीले फूल अर्पित करें. इसके बाद शांत मन से कम से कम 108 बार “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें. अंत में भगवान विष्णु से परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की प्रार्थना करें.
देवशयनी एकादशी पर मंत्र जाप का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं. इसलिए इस दिन किया गया मंत्र जाप, भक्ति और पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है. हालांकि, इन मान्यताओं का आधार धार्मिक परंपराएं हैं और इन्हें श्रद्धा व आस्था के भाव से देखा जाता है.
एस्ट्रोलॉजर नीतिका शर्मा के अनुसार, देवशयनी एकादशी भगवान विष्णु की उपासना का अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है. इस दिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का श्रद्धा और एकाग्रता के साथ जाप करना शुभ माना गया है.
उनका कहना है कि मंत्र जाप का वास्तविक लाभ तभी माना जाता है, जब व्यक्ति का मन शांत हो, उसके कर्म अच्छे हों और वह ईश्वर के प्रति सच्ची श्रद्धा रखता हो. केवल मंत्र बोलने के बजाय उसके भाव को समझना भी उतना ही आवश्यक है.
देवशयनी एकादशी पर इन बातों का रखें ध्यान
- भगवान विष्णु को तुलसी दल अवश्य अर्पित करें.
- सात्विक भोजन करें और क्रोध से बचें.
- जरूरतमंद लोगों को दान-पुण्य करें.
- भगवान विष्णु के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें.
- रात को सोने से पहले भगवान का स्मरण जरूर करें.
देवशयनी एकादशी भगवान विष्णु की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है. हालांकि, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति के लिए भक्ति के साथ-साथ अच्छे कर्म, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती है.
FAQ
2026 में देवशयनी एकादशी कब है?
वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को मनाई जा रही है.
देवशयनी एकादशी पर कौन-सा मंत्र जपना शुभ माना जाता है?
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप शुभ माना जाता है.
मंत्र का कितनी बार जाप करना चाहिए?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है. श्रद्धा अनुसार कम या अधिक जाप भी किया जा सकता है.
क्या रात में मंत्र जाप करना शुभ होता है?
देवशयनी एकादशी की रात भगवान विष्णु का स्मरण और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है.
क्या केवल मंत्र जाप से सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं?
धार्मिक मान्यताओं में मंत्र जाप का महत्व बताया गया है. लेकिन जीवन में सफलता और सुख के लिए अच्छे कर्म, सही निर्णय और निरंतर प्रयास भी आवश्यक हैं.
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