Kanwar Yatra 2026: सावन के पावन महीने में देशभर में शिवभक्ति का रंग देखने को मिल रहा है. इसी बीच झारखंड के गिरिडीह जिले के सरिया निवासी विराट सिंह ने एक बार फिर अपनी अनूठी आस्था और समर्पण से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है.
विराट सिंह 51 लीटर पवित्र जल लेकर पैदल सुल्तानगंज के लिए रवाना हुए हैं. उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक परंपरा निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में एकता, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश भी दे रही है.
राजदाह धाम में पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई यात्रा:
अपनी पैदल यात्रा शुरू करने से पहले विराट सिंह ने सरिया स्थित प्रसिद्ध उत्तरवाहिनी नदी राजदाह धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. उन्होंने भगवान शिव से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और सभी श्रद्धालुओं के मंगल की कामना की.
इस अवसर पर राजदाह धाम ट्रस्ट के सदस्यों ने उन्हें अंगवस्त्र, फूलों की माला और फल भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी. पूरे परिसर में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया.
लगातार चौथी बार बाबा बासुकिनाथ के लिए निकले विराट सिंह:
राजदाह धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश भारती ने बताया कि विराट सिंह लगातार चौथी बार राजदाह धाम से जल लेकर बाबा बासुकिनाथ में जलार्पण करने के लिए पैदल यात्रा पर निकले हैं. उनके अनुसार यह केवल व्यक्तिगत श्रद्धा नहीं, बल्कि पूरे सरिया क्षेत्र के लिए गर्व की बात है.
उन्होंने कहा कि विराट सिंह हर साल पूरे समर्पण और अनुशासन के साथ यह कठिन यात्रा पूरी करते हैं, जिससे क्षेत्र के युवाओं को भी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है.
51 लीटर जल लेकर तय करेंगे कठिन सफर:
कांवड़ यात्रा अपने आप में चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, लेकिन 51 लीटर पवित्र जल लेकर लंबी दूरी पैदल तय करना आसान नहीं होता. इसके लिए शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता और अटूट श्रद्धा की भी आवश्यकता होती है.
विराट सिंह इसी संकल्प के साथ सुल्तानगंज पहुंचेंगे, जहां से गंगाजल लेकर बाबा बासुकिनाथ के शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे. इसके बाद उनकी यात्रा बाबा नगरी देवघर में संपन्न होगी.
क्षेत्र के विकास और सुख-शांति की करते हैं प्रार्थना:
विराट सिंह ने बताया कि उनकी यात्रा केवल व्यक्तिगत मनोकामना पूरी करने के लिए नहीं होती. वे हर साल भगवान शिव से क्षेत्र के विकास, समाज में सुख-शांति, भाईचारे और सभी शिवभक्तों के कल्याण की प्रार्थना करते हैं.
उनका मानना है कि धार्मिक यात्राएं लोगों को जोड़ने का माध्यम बनती हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं.
समाज को एकता का संदेश दे रही है यात्रा:
विराट सिंह ने कहा कि उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है. इसका उद्देश्य समाज में एकता, सांस्कृतिक चेतना और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान का संदेश देना भी है.
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर लोगों का भरपूर प्यार, सहयोग और आशीर्वाद मिलता है. यही स्नेह उन्हें हर साल इस कठिन यात्रा को पूरा करने की नई ऊर्जा देता है.
जयकारों के बीच हुआ भावुक विदाई समारोह:
विराट सिंह की यात्रा शुरू होने से पहले राजदाह धाम में बड़ी संख्या में शिवभक्त एकत्र हुए. सैकड़ों श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों के साथ उन्हें शुभकामनाएं देकर रवाना किया. पूरे माहौल में भक्ति, उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला.
सावन के इस पावन अवसर पर विराट सिंह की यह पदयात्रा यह संदेश देती है कि सच्ची श्रद्धा केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज, संस्कृति और मानवता के प्रति सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती है. उनकी यह पहल न केवल शिवभक्तों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी एक सशक्त उदाहरण है.
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