धान की फसल में बंपर कल्ले चाहिए, तो रोपाई के 30 दिन बाद जरूर करें यह काम

धान की फसल में बंपर कल्ले चाहिए, तो रोपाई के 30 दिन बाद जरूर करें यह काम


Paddy Farming Tips: अगर आप भी इस सीजन धान की बंपर पैदावार चाहते हैं. तो रोपाई के शुरुआती 30 से 35 दिन आपकी फसल के लिए सबसे बड़ा बदलाव का समय होते हैं. यही वो सही वक्त होता है जब धान के पौधों में कल्ले फूटते हैं. अगर इस समय थोड़ी सी भी लापरवाही हुई तो फसल कमजोर रह जाएगी और सीधे आपकी जेब पर असर पड़ेगा. अमूमन किसान शुरुआत में तो खाद-पानी का पूरा ध्यान रखते हैं. 

लेकिन रोपाई के एक महीने बाद जब पौधों को असली ताकत की जरूरत होती है, तब चूक जाते हैं. इस वक्त पर फसल को सही पोषण देकर आप न सिर्फ कल्लों की संख्या बढ़ा सकते हैं. बल्कि प्रति एकड़ उपज को भी एक और बढ़ा सकते हैं चलिए आपको बताते  हैं कि इस समय आपको खेतों में ऐसा क्या करना है जिससे आपकी फसल एकदम लहलहा उठे.

यूरिया की दूसरी खुराक

रोपाई के ठीक 30 से 35 दिन बाद धान की फसल में यूरिया की दूसरी किस्त देना सबसे जरूरी काम है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस समय प्रति एकड़ लगभग 30 से 40 किलोग्राम यूरिया का छिड़काव करना चाहिए. नाइट्रोजन की यह सही मात्रा पौधों में हरापन बढ़ाती है. जिससे पत्तियां एकदम हरी-भरी हो जाती हैं और उनकी ग्रोथ तेजी से होती है.

 लेकिन ध्यान रहे यूरिया डालने से पहले खेत का पानी निकाल दें या पानी बहुत कम रखें. जिससे खाद सीधे जड़ों तक पहुंचे और बर्बाद न हो. इसके साथ ही अगर मिट्टी में जिंक की कमी दिख रही है. तो यूरिया के साथ 5 किलो जिंक सल्फेट मिलाकर डालें यह पौधों को एक्स्ट्रा एनर्जी देता है जिससे कल्ले तेजी से निकलते हैं.

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खरपतवार और पानी का इंतजाम

सिर्फ खाद डाल देना ही काफी नहीं है जब तक आप खेत को खरपतवार यानी घास-फूस से बचा के नहीं रखेंगे. तब तक खाद का पूरा फायदा पौधों को नहीं मिलेगा. रोपाई के 30 दिनों के आसपास खेतों में उगे अनचाहे घास-फूस को या तो निराई-गुड़ाई करके निकाल दें या सही दवा का इस्तेमाल करें. 

अगर खरपतवार रहेंगे तो वे आपकी कीमती खाद और जमीन के पोषक तत्वों को खुद सोख लेंगे और धान के पौधों को भूखा मार देंगे. इसके अलावा इस दौरान खेत में हल्की नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है. न तो खेत को पूरी तरह सूखा छोड़ें और न ही बहुत ज्यादा पानी भर कर रखें. 

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