Nelson Mandela International Day: हर साल दुनियाभर में 18 जुलाई को नेल्सन मंडेला डे मनाया जाता है. यह दिन साऊथ अफ्रीका के महान नेता नेल्सन मंडेला के शांति, स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के संघर्ष को याद करने के रूप में मनाया जाता है. इस दौरान बहुत से पर्यटक साउथ अफ्रीका पहुंचते हैं. इस खास मौके पर अगर आप भी साऊथ अफ्रीका की खूबसूरत नदियों, जंगलो और इतिहास को करीब से देखने का मन बना रहे हैं तो यह फैसला आपके लिए बेहद यादगार साबित हो सकता है. हालांकि, साऊथ अफ्रीका जाने से पहले आपको यह जान लेना होगा कि वहां घूमने लायक जगह कौन सी हैं और किस महीने में जाने से आपको बेस्ट एक्सपीरियंस मिलेगा.
वाइल्डलाइफ और सफारी के लिए बेस्ट समय
यदि आपको वाइल्डलाइफ और सफारी टूर करना बेहद पसंद है तो साऊथ अफ्रीका जाने के लिए मई से सितम्बर का महीना सबसे बेस्ट रहेगा. ये महीने साऊथ अफ्रीका में सर्दियों के होते हैं, जिससे जंगलों की झाड़ियां सूख जाती हैं और जानवरों को दूर से भी देखा जा सकता है. साथ ही पानी की कमी के कारण सभी जंगली जानवर नदियों और तालाबों के किनारे इकट्ठा हो जाते हैं, जिससे सफारी टूर का रोमांच दोगुना हो जाता है.
समुद्र के किनारे समय बिताना
यदि आपको समुद्र के किनारे बैठकर समय बिताना, वाइन पीना और सुहावनी धूप लेना पसंद हैं तो नवम्बर से मार्च के बीच साऊथ अफ्रीका जानें का प्लान बनाएं. इस दौरान वहां गर्मियों का समय होता है. केप टाउन और टेबल माउन्टेन घूमने के लिए यह समय सबसे शानदार माना जाता है. दिसंबर और जनवरी के महीनों में यहां का माहौल उत्सव जैसा होता है, इसलिए इस दौरान यहां पर्यटकों की भीड़ और खर्च दोनों बढ़ जाता है.
यहां भी पढ़े: Australia Hotel Cost: ऑस्ट्रेलिया में कितने रुपये में मिलता है होटल, यहां सप्ताह भर रुकने में कितना आएगा खर्च?
व्हेल्स देखने का अनुभव
अगर आपको समुद्री जीवों जैसे व्हेल्स को करीब से देखना पसंद हैं तो जुलाई से नवम्बर का समय सबसे अच्छा होता है. क्योंकि अफ्रीका का हरमानस शहर दुनिया भर में व्हेल वाचिंग के लिए जाना जाता है. इस समय व्हेल मछलियां बच्चों को जन्म देने के लिए तट के बेहद नजदीक आ जाती हैं.
मंडेला का इतिहास
साऊथ अफ्रीका की यात्रा नेल्सन मंडेला के इतिहास को जाने बिना अधूरी है. आप साल के किसी भी महीने जाएं तो रोबेन आइलैंड और सोवेतो मंडेला हाउस जरुर जाएं, क्योंकि केप टाउन के पास रोबेन आइलैंड पर स्थित यह वही जेल है, जहां मंडेला ने अपने जीवन के 18 साल गुजारे और जोहान्सबर्ग का मंडेला हाउस मंडेला के शुरूआती संघर्षों का गवाह रहा है.
यहां भी पढ़े: Difference Between Mumbai And Delhi: विदेशी ट्रैवलर्स ने दिल्ली को क्यों दिए ‘0’ नंबर? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान






