यह अनोखी तकनीक कंप्यूटर विजन और एआई कैमरों के काम करने के तरीके को निशाना बनाती है. इन कपड़ों पर बेहद अजीबोगरीब आकृतियां, खास किस्म के रंग और बार-बार दोहराए जाने वाले पैटर्न बने होते हैं.

जब कोई शख्स इनको पहनकर कैमरे के सामने से गुजरता है तो एआई एल्गोरिदम कपड़ों के पैटर्न को ही इंसानी चेहरा समझ लेता है. अर्बन प्राइवेसी ब्रांड के को-फाउंडर डैनियल प्रुस के अनुसार, एक साथ कई नकली चेहरों का भ्रम बनने से चेहरा पहचानने वाला सिस्टम पूरी तरह से उलझ जाता है और असली व्यक्ति की पहचान करने में पूरी तरह से नाकाम हो जाता है.

केवल दिन के उजाले वाले कैमरे ही नहीं, बल्कि रात में देखने वाले नाइट विजन कैमरे भी इन आधुनिका कपड़ों के आगे फेल साबित हो रहे हैं. अर्बन प्राइवेसी ब्रांड का अर्बन घोस्ट कोस्ट इसका बेहतरीन उदाहरण है, जिसके हुड में खास एलईडी लाइट्स लगाई गई हैं.

ये लाइट्स ऐसी इंफ्रारेड किरणें छोड़ती हैं, जिनको इंसान तो नहीं देख सकते हैं, लेकिन कैमरे का लेंस धुंधला हो जाता है. फैशन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कोई मशहूर सेलिब्रिटी किसी बड़े रेड कार्पेट इवेंट में इन कपड़ों को पहन ले तो यह रातों-रात दुनिया का सबसे बड़ा फैशन ट्रेंड बन जाएगा.

हालांकि इसके साथ एक चेतावनी भी जुड़ी है. अगर ये कपड़े सड़कों पर सुरक्षा कैमरों को पूरी तरह से नकारने लगे तो यह मुद्दा राजनीतिक रूप ले लेगा. ऐसी स्थिति पैदा होते ही विभिन्न देशों की सरकारें अपनी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन एंटी-सर्विलांस कपड़ों की बिक्री और पहनने पर बैन लगा सकती है.

डिजिटल कल्चर के एक्सपर्ट बताते हैं कि सर्विलांस सिस्टम बहुत शक्तिशाली हैं और कोई भी कपड़ा 100% सुरक्षा का दावा नहीं करता है, फिर भी यह फैशन एक बड़े सांस्कृतिक बदलाव को दर्शा रहा है.

यह काउंटर-कल्चर फैशन अब तेजी से मुख्यधारा का हिस्सा बन रहा है और बाजार में इसकी कीमतें भी कम हो रही हैं. यह केवल एक ड्रेस नहीं, बल्कि डिजिटल युग में घटती प्राइवेसी के खिलाफ जनता के सामूहिक विरोध का एक मजबूत माध्यम बन चुका है.
Published at : 20 Jul 2026 07:17 PM (IST)






