Cotton Farming Subsidy Scheme: देश में कपास की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी शुरू किया है. इस मिशन का उद्देश्य आधुनिक खेती की तकनीक को बढ़ावा देकर कपास का उत्पादन बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और किसानों काे आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. इस मिशन के तहत किसानों को नहीं खेती पद्धतियां अपनाने पर प्रति हेक्टेयर आर्थिक सहायता भी दी जाएगी. गुजरात सरकार ने भी इस मिशन को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. कृषि मंत्री जीतू वाघानी ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में इस वर्ष राज्य के लिए 134.80 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है. इस योजना के तहत गुजरात के 21 कपास उत्पादक जिलों में 1 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र को शामिल करने का टारगेट रखा गया है.
खेती के तरीके के अनुसार मिलेगी आर्थिक सहायता
मिशन के तहत किसानों को उनकी खेती की पद्धति के आधार पर दो कैटेगरी में इनपुट सहायता दी जाएगी. अगर किसान 90 सेंटीमीटर* 30 सेंटीमीटर की क्लोजर स्पेसिंग टेक्नोलॉजी अपनाकर कपास की खेती करते हैं, तो उन्हें 1400 रुपये प्रति हेक्टेयर की इनपुट सहायता मिलेगी. वहीं 90 सेंटीमीटर* 60 सेंटीमीटर की रोपण दूरी के साथ इंटीग्रेटेड क्रॉप मैनेजमेंट पद्धति अपनाने वाले किसानों को 7500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी. हालांकि एक किसान को वित्तीय वर्ष में अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि तक ही इस योजना का लाभ मिलेगा.
योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तें
सरकार ने योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें भी तय की है. किसानों को सरकार की ओर से अनुमोदित या प्रमाणित कपास की किस्म अथवा स्वीकृत बीटी कॉटन बीज का इस्तेमाल करना होगा. इसके अलावा फार्मर रजिस्ट्री में रजिस्ट्रेशन करना भी अनिवार्य होगा. इन शर्तों को पूरा करने वाले किसान ही योजना के लिए पात्र माने जाएंगे.
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10 जुलाई से शुरू हुुए ऑनलाइन आवेदन
इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक उम्मीदवार और पात्र किसान 10 जुलाई 2026 से i-Khedut पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. कृषि मंत्री जीतू वाघानी ने उन सभी किसानों से अपील की है जो इस सीजन में 90 सेंटीमीटर*30 सेंटीमीटर या 90 सेंटीमीटर*60 सेंटीमीटर के रोपण पैटर्न के साथ कपास की खेती कर रहे हैं या फिर आने वाले समय में इन तकनीकों को अपनाने की योजना बना रहे हैं. वह जल्द से जल्द i-Khedut पोर्टल पर जाकर आवेदन और करें और इस योजना का फायदा उठाएं.
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