IPL 2026 सीजन 28 मार्च-31 मई तक चला. करीब 2 महीने तक चले इस टूर्नामेंट में वैभव सूर्यवंशी से लेकर ईशान किशन और अभिषेक शर्मा खूब सारे छक्के लगाते दिखे. उसके एक महीने बाद ही भारतीय खिलाड़ी आयरलैंड और इंग्लैंड टूर पर जाते हैं, जहां सारी तूफानी बैटिंग धरी की धरी रह गई. वैभव तो सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड बनाकर आ रहे थे, लेकिन इंग्लैंड में शॉर्ट पिच गेंदों पर उनकी पोल खुल गई.
टी20 मैचों में अक्सर खूब सारे छक्के लगते रहते हैं, लेकिन भारतीय टीम गेंद को बाउंड्री रेखा के पार भेजने में लगातार संघर्ष कर रही थी. आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ 7 मैचों में भारतीय खिलाड़ी कुल मिलाकर 43 सिक्स लगा पाए, जबकि इंग्लैंड सीरीज में जोस बटलर और हैरी ब्रूक ने मिलकर ही 26 छक्के लगा डाले थे.
भारतीय क्यों नहीं कर पाए तूफानी बैटिंग?
हाल ही में जोफ्रा आर्चर ने IPL के लिए तैयार होने वाली पिचों पर तंज कसा था, जहां बल्लेबाजी करना बहुत आसान होता है. कहीं ना कहीं यह बात सच भी है, क्योंकि आईपीएल की फ्लैट पिचों पर 250 रन भी सुरक्षित नहीं होते हैं. 2 महीने बल्लेबाजी के लिए आसान पिचों पर खेलने का आदी हो जाना और फिर इंग्लैंड की कठिन पिचों पर शॉट लगाने में कठिनाई होना, यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं. भारतीय पिचों की तुलना में इंग्लैंड में स्विंग, मूवमेंट और बाउंस भी अधिक होती है.
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कई खिलाड़ी पहली बार इंग्लैंड में खेल रहे थे
भारतीय टीम के खराब प्रदर्शन की एक बड़ी वजह यह भी रही कि टी20 टीम के अधिकांश खिलाड़ी पहली बार इंग्लैंड में खेल रहे थे. यहां तक कि श्रेयस अय्यर भी इस सीरीज से पहले इंग्लैंड में सिर्फ एक टी20 मैच खेले थे, जो 2022 में हुआ था.
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